जम्मू-कश्मीर में 30 से 32 बड़े नेता ही हिरासत में, स्थिति अनुकूल होते ही शुरू होगा इंटरनेट: राम माधव

जम्मू-कश्मीर के दौरे पर पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने कहा कि प्रदेश में अनुच्छेद 370 हटने के बाद से बड़ी संख्या में नेताओं को हिरासत में रखा गया था। मगर चार महीने बीत जाने के बाद मात्र 30-32 बड़े नेता ही नजरबंद और हिरासत में हैं। साथ कुछ और अराजक तत्व भी बंद हैं जिनकी कुल संख्या 100 से भी कम है। 

शुक्रवार को जम्मू में प्रेस वार्ता करते हुए राम माधव ने कहा कि आज कारगिल में मोबाइल इन्टरनेट सेवा शुरू कर दी गई है। जल्द ही जम्मू और कश्मीर में भी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं स्थिति अनुकूल होते ही शुरू कर दी जाएंगी।

राम माधव ने गुरुवार को श्रीनगर में कहा था कि नागरिकता संशोधन विधेयक तथा एनआरसी किसी भी मजहब के खिलाफ नहीं है। विपक्ष अनावश्यक रूप से इस पर बवाल मचा रहा है। हर लोगों के अधिकार सुरक्षित हैं। एक दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे माधव ने पत्रकारों से कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है।

साथ ही धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को मानने वाला राष्ट्र है। इसमें किसी को भी तनिक सशंकित होने की जरूरत नहीं है। विपक्ष अनावश्यक रूप से इस मसले का निहित स्वार्थ के लिए राजनीतिकरण करने का प्रयास कर रहा है। केंद्र सरकार ने भी स्पष्ट कर दिया है कि यह किसी मजहब के खिलाफ नहीं है। इसके बाद भी विपक्ष इस मामले को तूल दे रहा है। समाज को बांटने की कोशिसें की जा रही हैं।