तकनीकी खराबी से बंद हुआ रेलवे स्टेशन का सीएमएस

ट्रेनों के समय पर गंतव्य तक आने और रवाना होने के मकसद से शुरू हुई कंप्यूटर मैनेजमेंट सर्विस (सीएमएस) ने पिछले कई दिन से काम करना बंद कर दिया है। मशीनों में तकनीकी खराबी के कारण रेलवे का कामकाज फिर से पुराने ढर्रे पर लौट आया है। हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों का दावा है कि मशीनों को लगाने वाली कंपनी को मरम्मत करने के लिए कह दिया गया है, उम्मीद है जल्द ही सीएमएस फिर से काम करना शुरू कर देगी।

ट्रेनों को चालक (लोको पायलट) जैसे ही ट्रेन लेकर जम्मू रेलवे स्टेशन पर पहुंचते हैं, उन्हें रेलवे मुख्यालय में अपने पहुंचने की जानकारी देनी होती है। इस काम के लिए करीब तीन वर्ष पूर्व जम्मू रेलवे स्टेशन पर लोको पायलट रूम बनाया गया था। इस रूम में लोको पायलट कंप्यूटर के माध्यम से हस्ताक्षर कर अपने स्टेशन पर पहुंचने की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देता है। ऐसा करने से रेलवे के कामकाज में पारदर्शिता आती है। पहले कई बार देखने में आता था कि रेलवे कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते रेलगाड़ियों के अपने गंतव्य पर पहुंचने के बारे में सही जानकारी नहीं मिलती थी। अनुशासन पालन के लिए इस काम को आनलाइन बनाया गया था। लोको पायलट रूम में बाकायदा ब्रेथ एनालाइजर भी लगा होता है, रेलगाड़ी लेकर आने तथा जाने वाले लोको पायलट की इससे जांच की जाती है कि कहीं उसने शराब का सेवन तो नहीं किया है।

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ठेकेदार से किया है संपर्क

फिरोजपुर डिवीजन के सीनियर डिवीजनल मैकेनिकल ऑपरेशन पारस चंद्रा ने बताया कि लोको पायलट रूम में मशीनें लगाने वाले ठेकेदार को मशीनों में आई तकनीकी खराबी की जानकारी दे दी गई है। मरम्मत का काम मशीन लगाने वाली कंपनी को हीं करना होता है। यदि ठेकेदार ने जल्द मशीनों को ठीक नहीं किया तो उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।

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रेलवे को रोजाना हो रहा हजारों का नुकसान

लोको पायलट रूम में काम करने के लिए भारतीय रेलवे ने दर्जन भर कर्मचारियों को तैनात किया है। यह कर्मचारी आठ घंटे की ड्यूटी को अंजाम देते हैं। मशीनें कई दिनों से खराब हैं। अब यह कर्मचारी बिना काम हीं लोको पायलट रूम में बैठ कर वापस लौट रहे हैं, जिसका नुकसान भारतीय रेलवे को हा रहा है।

-एक मशीन लंबे समय से है बंद

लोको पायलेट रूम में रेलवे ड्राइवर और गार्ड के हस्ताक्षर करने के लिए लगाए गए सीएमएस में दो मशीनें लगाई गई थीं। काफी समय से एक मशीन ने काम करना बंद कर दिया था। जिसके चलते काम का सारा बोझ दूसरी मशीन पर आ गया था। अब गत चार दिन से दूसरी मशीन व उसके साथ लगे अन्य उपकरण जिसमें प्रिटर भी शामिल है ने काम करना बंद कर दिया है।