जम्मू कश्मीर के ‘बैक टू विलेज’ कार्यक्रम को बड़े पैमाने पर प्रतिक्रिया मिल रही

जम्मू-कश्मीर सरकार के ‘बैक टू विलेज’ कार्यक्रम को बड़े पैमाने पर प्रतिक्रिया मिल रही है खासकर चरमपंथ प्रभावित इलाकों के लोगों से। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने सोमवार को यह जानकारी दी। प्रवक्ता ने पिछले हफ्ते शुरू हुए कार्यक्रम के पांचवे दिन कहा कि ऐसे इलाके के लोगों की हिस्सेदारी भी बहुत उत्साहित करने वाली है जहां विभिन्न प्रशासनिक जरूरतों के चलते उचित ध्यान नहीं दिया जा सका है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य शासन को ग्रामीण एवं दूर-दराज के इलाकों तक ले जाना है। उन्होंने बताया कि “अधिकारियों द्वारा बुलाई गई ‘ग्राम सभाओं’ में लोगों ने उनके साथ सरकारी योजनाओं को लेकर अपनी प्रतिक्रिया जताईं और अपनी शिकायतें हल करने के लिए कहा। उन्होंने ऐसे मुद्दे भी उठाए जिन पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है जिन्हें विकास के नमूने में अब तक शामिल नहीं किया गया है।” उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिकारी नियंत्रण रेखा के पास गुरेज कस्बे के जुरनियाल जैसे दूर-दराज इलाके से लेकर शोपियां क्षेत्र के हीरपोरा या त्राल में चरमपंथ प्रभावित दादासरा तक में ठहर रहे हैं। प्रवक्ता ने कहा, “लक्ष्य विकास के हासिल किए जा चुके लक्ष्यों और पूरा करने योग्य लक्ष्यों के बीच अंतर को भरना, शासन को ग्रामीण एवं दुर्गम इलाकों तक ले जाना और विश्वसनीय एवं प्रयोगसिद्ध प्रतिक्रिया प्राप्त करना है।”