कश्मीरी पंडितों ने अधिवास कानून के लिये जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल का धन्यवाद किया

जम्मू कश्मीर से विस्थापित कश्मीरी पंडितों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरूवार को उप राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू से मुलाकात कर नये अधिवास नियमों के लिये उन्हें धन्यवाद दिया। नये नियमों के अमल में आने के बाद देश व दुनिया में रह रहे कश्मीरी पंडित समुदाय के गैर पंजीकृत सदस्यों को अधिवास प्रमाण पत्र प्राप्त करने में मदद मिलेगी । एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि जम्मू कश्मीर प्रशासन ने सोमवार को कश्मीरी प्रवासियों और विस्थापितों के लिए पंजीकरण फिर से खोलने का फैसला किया है। नयी व्यवस्था के अनुसार कोई भी कश्मीरी पंडित, जिसने 1944 अथवा स्वतंत्रता के पूर्व कश्मीर छोड़ दिया हो और उसके पास जम्मू कश्मीर के किसी भी हिस्से में 1944 में अथवा इसके बाद अचल संपत्ति का स्वामित्व अथवा इसका कोई साक्ष्य हो तो वह जम्मू कश्मीर राज्य का अधिवासी होने का हकदार होगा। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि कश्मीरी पंडितों के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के एक शिष्टमंडल ने राजभवन में आज उप राज्यपाल से मुलाकात की और नया अधिवास कानून लाने के लिये केंद्र सरकार तथा जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन के प्रति आभार जताया । प्रवक्ता ने बताया कि शिष्टमंडल ने इस नये अधिवास कानून को ऐतिहासिक करार दिया है । उन लोगों ने दोहराया कि संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को वापस लिये जाने एवं अनुच्छेद 35 एक को समाप्त किये जाने से प्रदेश विकास एवं वृद्धि की नयी उंचाई को छूयेगा ।