जवान की हत्या के बाद शव के कर दिए थे छोटे-छोटे टुकड़े, पत्नी समेत चार आरोपियों को उम्रकैद

प्रिंसिपल सेशन जज पुंछ ने शनिवार को हत्या के एक मामले में चार लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है और दस हजार रुपये जुर्माना जमा करवाने का आदेश दिया है।
शनिवार को दोपहर बाद नगर स्थित सेशन कोर्ट में प्रिंसिपल एंड सेशन जज जुबेर अहमद रजा के समक्ष मेंढर थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 18/2009 आरपीसी की धारा 302 में दर्ज मामला सुनवाई के लिए पेश किया गया।

इसमें बीएसएफ के एक जवान की निर्मम हत्या करने के चार आरोपियों इश्तेयाक अहमद, अतीक अहमद, जाकिर हुसैन और उलफत बी को पेश किया गया।

वर्ष 2009 में उपरोक्त तीनों आरोपियों इश्तेयाक अहमद, अतीक अहमद और जाकिर अहमद के साथ उलफत बी ने अपने पति बीएसएफ के जवान मोहम्मद लतीफ की निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी थी।
हत्या के बाद चारों आरोपियों ने बीएसएफ जवान के शव के टुकड़े-टुकड़े कर सबूत नष्ट करने का प्रयास किया था। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या के मामले में सबूत एकत्र किए और उसके बाद पुंछ कोर्ट में मामला पेश किया।

इस दौरान प्रिंसिपल सेशन जज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकारी वकील मुख्तेयार शेख और वादी के वकील की दलीलें सुनने के बाद चारों आरोपियों को उम्रकैद के साथ दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

इस बारे में सरकारी वकील मुख्तेयार शेख का कहना है कि यह पुंछ जिले में ही नहीं बल्कि राज्य में जघन्यतम मामला था। मामले में पत्नी ने तीन अन्य लोगों के साथ मिल कर अपने पति की निर्मम हत्या के बाद शव को छोटे छोटे टुकड़ों में इस प्रकार काटा, जिस प्रकार मांस विक्रेता जानवरों का मांस काटते हैं। इसी मामले में प्रिंसिपल एवं सेशन जज ने चारों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।