जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में बोले राम माधव, हम हैं तो 35ए और 370 को हटना ही होगा

नेशनल कांफ्रेंस व पीडीपी ने 35ए व 370 को लेकर पंचायत व निकाय चुनाव का बहिष्कार किया गया। लेकिन लोकसभा चुनाव आए तो फारूक अब्दुल्ला व महबूबा मुफ्ती चुनाव लड़ने को तैयार हो गए। क्या अब 35ए व 370 का खतरा टल गया है। हम जब हैं तो 35ए और 370 को हटाने के लिए ही हैं। एक दिन इसको हटना ही है। यह बातें भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने उधमपुर के नंद पैलेस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहीं।

उधमपुर में भाजपा के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित कार्यक्रम में राम माधव ने कहा कि महबूबा मुफ्ती व फारूक अब्दुल्ला ने 35 ए व 370 को लेकर अपने छोटे नेताओं व कार्यकर्ताओं को निकाय व पंचायत चुनाव नहीं लड़ने दिया, लेकिन लोकसभा चुनाव में अपनी बारी आई तो दोनों ही चुनाव लड़ने को तैयार हो गए। अब इनको 35 व 370 का खतरा नजर नहीं आ रहा है।

महबूबा मुफ्ती व फारूक लोगों को गुमराह करते हुए कह रहे हैं कि जिस दिन जम्मू कश्मीर से 370 हटेगा तो राज्य का नाता भारत के साथ टूट जाएगा। इनको एक बात समझ लेनी चाहिए कि जिस दिन महाराजा हरि सिंह ने जम्मू कश्मीर का विलय भारत के साथ किया था। उसी दिन देश का अभिन्न अंग बन गया था। दिल्ली में नेहरू थे तो इन नेताओं को 370 मिल गया था। आज दिल्ली में मोदी है तो 370 हट जाएगा। 370 और 35ए जम्मू कश्मीर के विकास में बहुत बड़ी बाधा है। जब राज्य में भाजपा की सरकार थी तो यूएई के साथ कश्मीर में इंडस्ट्रीज लगाने की अपील करने गए, लेकिन यूएई ने इससे इंकार कर दिया था। इसका मुख्य कारण 370 ही था। भाजपा 370 को संविधानिक तरीके से हटाएगी।

नेकां सामने और पीडीपी पीछे से कर रही समर्थन
मोदी का सामना करने की क्षमता विपक्ष में किसी में हिम्मत नहीं है। इसलिए अब छोटे छोटे गठबंधन बनाकर ड्रामा किया जा रहा है। जम्मू कश्मीर में भी ड्रामा चल रहा है। जम्मू संभाग में कांग्रेस का समर्थन नेकां सामने से कर रही है तो पीडीपी पीछे से समर्थन देने का काम कर रही है। कश्मीर संभाग में तो सब अपनी अपनी पार्टी की तरफ से लड़ रहे हैं। इनका मकसद केवल मोदी को रोकना है। मोदी को रोकना क्यों है इसका उत्तर किसी के पास नहीं है।

भाजपा के लिए विशेष महत्व रखता है जम्मू कश्मीर
जम्मू कश्मीर भाजपा के लिए विशेष महत्व रखता है। जम्मू कश्मीर से आतंकवाद का संपूर्ण रूप से सफाया करने का प्रयास चलता रहेगा। आने वाले समय में आतंकवाद का समर्थन करने वाले अलगाववादी नेताओं को नहीं बख्शा जाएगा। इनके खिलाफ कानूनी तरीके से सख्त कार्रवाई की जाएगी।