जम्मू कश्मीर में बीस फीसदी सस्ती मिलेगी रसोई गैस, नेशनल गैस ग्रिड से 2022 तक जुड़ेगा प्रदेश

केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर में रसोई गैस (एलपीजी) की जगह पाइप नेचुरल गैस (पीएनजी) लेगी। इसके लिए सरकारी स्तर पर कोशिश शुरू कर दी गई है। उपराज्यपाल प्रशासन इस संबंध में केंद्र सरकार के अलावा अन्य हितधारकों से संपर्क कर चुका है। योजना के तहत मेहसाना (गुजरात) से बठिंडा (पंजाब) तक पहुंचने वाली गैस पाइप लाइन का विस्तार जम्मू कश्मीर तक होगा।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू और उनके प्रशासनिक अधिकारी केेंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय और गुजरात स्टेट पेट्रोनेट लिमिटेड से इस संबंध में चर्चा कर चुके हैं और केंद्र सरकार की तरफ से परियोजना को लेकर हरी झंडी मिल चुकी है। ऐसे में सब कुछ ठीक रहा तो जम्मू-कश्मीर 2022 तक नेशनल गैस ग्रिड से जुड़ जाएगा। बठिंडा होते हुए जम्मू में गैस पाइप लाइन पहुंचेगी और यहां से इसका कश्मीर तक विस्तार किया जाएगा।

ग्रिड से जुड़ने के बाद जम्मू-कश्मीर में रसोई गैस की किल्लत नहीं होगी। खराब मौसम और जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे के भू-स्खलन या अन्य कारणों से बंद रहने पर भी कश्मीर घाटी में रसोई गैस की समस्या नहीं आएगी। सबसे पहले मेहसाना से बठिंडा तक गैस पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसके बाद इसे जम्मू लाया जाएगा और फिर कश्मीर (श्रीनगर) तक पहुंचाया जाएगा।