हेलिकॉप्टर के अलावा मां वैष्णो देवी के दर्शन के ये हैं साधन

जम्मू के प्रसिद्ध मां वैष्णो देवी के मंदिर के दर्शन की यात्रा को देश की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में से एक माना जाता है। इसकी वजह माता के दरबार तक पहुंचने के लिए की जाने वाली 13 किलोमीटर की यात्रा है। इस 13 किलोमीटर की यात्रा करने में युवाओं तक की हालत खराब हो जाती है। अगर आप माता वैष्णो देवी के मंदिर जा रहे हैं और साथ में आपका परिवार है तो यह सफर आपके लिए और भी मुश्किल हो सकता है। हालांकि अगर आप पैदल जाने की हालत में नहीं हैं तो कई और भी साधन हैं जिनके जरिए आप नीचे तलहटी से मां के दरबार तक की यात्रा आराम से पूरी कर सकते हैं…

1. हेलिकॉप्टर
बुजुर्गों के लिए इसे सबसे अच्छा साधन माना जाता है। इसके लिए आपको 60 दिन पहले बुकिंग करानी होती है। इसके लिए आपको एक तरफ के लिए 1045 रुपये खर्च करने होंगे। यह कटरा की तलहटी से शुरू होता है आपको सांझी छत पर छोड़ता है। एक बार में हेलिकॉप्टर से 5 से 6 यात्रियों को ले जाया जाता है। इसमें लगभग 8 मिनट का समय लगता है। हेलिपैड कटरा बस स्टैंड से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर है और माता का भवन सांझीछत से लगभग 2.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह साधन आरामदायक तो है लेकिन कम बजट रखने वाले लोगों के लिए महंगा है।

2. घोड़े/खच्चर से यात्रा करना
यह सबसे पुराने साधनों में से एक है। इसमें खच्चर या घोड़े पर बैठाकर आपको माता के भवन तक ले जाया जाता है। इसके लिए आपको अलग-अलग दूरी के लिए अलग-अलग शुल्क देना होता है। कटरा से भवन के लिए करीब 700 रुपये तो कटरा से अर्द्धकुंवारी या अर्द्धकुंवारी से भवन तक जाने के लिए लगभग 400 रुपये खर्च करने होंगे।

3. प्रैम
अगर आप बच्चों के साथ दर्शन के लिए आए हैं और हेलिकॉप्टर में सफर नहीं कर सकते तो कोई बात नहीं है। अब मां वैष्णो देवी मंदिर तक जाने के लिए प्रैम्स की सुविधा भी उपलब्ध है। अपने बच्चों के लिए प्रैम्स सुविधा लेने पर आपको 400-500 रुपये खर्च करने होंगे। इसमें एक साथ दो बच्चों को बिठाया जा सकता है। भक्तों को जम्मू-कश्मीर के कटरा पहुंचने पर कटरा से अर्द्धकुंवारी भवन और भैरों बाबा तक के लिए प्रैम की सुविधा मिल रही है। हेलिकॉप्टर से पहुंचने वालों को हेलिपैड से माता वैष्णो के भवन तक यह सुविधा दी जा रही है। प्रैम की सुविधा लेने के लिए कटरा से अर्द्धकुंवारी तक 350 रुपए खर्च करने होंगे। जबकि कटरा से मुख्य भवन तक 700 से 800 रुपए का चार्ज देना होगा।

4. रोपवे से
मां वैष्णो देवी के अलावा वहां भैरव बाबा का मंदिर भी है। दोनों के बीच की दूरी 1.5 किलोमीटर है। भैरव बाबा के मंदिर की चढ़ाई और अधिक कठिन है। इसके कारण अधिकतर लोग बिना इसके दर्शन किए ही वापस आ जाते हैं। अब इसके लिए रोपवे की सेवा उपलब्ध है। यह मनोकामना भवन से सीधे भैरव घाटी जाता है। इसमें 15 मिनट का टाइम लगता है। रोपवे से भैरव बाबा के मंदिर तक जाने के लिए करीब 100 रुपये शुल्क देना होता है। इसमें एक साथ 40 से 50 लोग सफर कर सकते हैं।

5. पालकी से
कटरा से मां के भवन तक यात्रा करने के लिए पालकी भी एक अच्छा साधन है। इसमें बुजुर्ग और बच्चे यात्रा कर सकते हैं। यह उन लोगों के लिए सहूलियत भरा है जिन्हें घोड़े और खच्चर पर बैठने में डर लगता है। इसके लिए 100 किलो से कम वजन होने की दशा में आपको कटरा से भवन तक आने-जाने के लिए 4,000 रुपये देने होंगे और 100 किलो से अधिक वजन होने की दशा में 4,500 रुपये शुल्क लगेगा।

6. बैटरी कार से
पालकी, प्रैम्स और हेलिकॉप्टर के अलावा आप मंदिर तक जाने के लिए बैटरी कार का उपयोग भी कर सकते हैं। बैटरी कार सेवा खासतौर पर दिव्यांग, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए शुरू की गई थी। मां वैष्णो देवी के दरबार तक 13 किलोमीटर के रूट पर 25 से अधिक बैटरी कारें चलती हैं। अर्द्धकुंवारी से भवन तक जाने के लिए लगभग 350 रुपये तक का चार्ज देना होता है।