जम्मू-कश्मीर: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बढ़ेंगी एमबीबीएस की 199 सीटें, तैयारी शुरू

जम्मू-कश्मीर के चार नए मेडिकल कालेजों में चार सौ सीटों की मंजूरी मिलने के बाद अब आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की सीटें बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। इसमें मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया (एमसीआई) की ओर से राज्य में 199 सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव है। उम्मीद है कि इसकी जल्द ही अधिसूचना जारी की जाएगी। इन सीटों को मिलाकर राज्य के मेडिकल कालेजों में करीब 1100 सीटें हो जाएंगी।

एमसीआई की ओर से हाल ही में राज्य के चार नए मेडिकल कालेजों में 2019-20 सेशन में दाखिले के लिए अनुमति दी गई है। इनमें गवर्नमेंट मेडिकल कालेज राजोरी, अनंतनाग, बारामुला और कठुआ में प्रत्येक में 100-100 एमबीबीएस सीटें शामिल हैं। इससे चार सौ सीटों में इस साल इजाफा हुआ है। इन सीटों को मिलाकर राज्य में कुल एमबीबीएस की सीटें 900 हो गई हैं।

हालांकि गवर्नमेंट मेडिकल कालेज, डोडा में 50 एमबीबीएस सीटों में दाखिले के लिए काम चल रहा है। इसके अलावा आचार्य श्री चंद्र कालेज आफ मेडिकल साइंसेस, जम्मू (ट्रस्ट) में 100, मेडिकल कालेज जम्मू में 150 (इस साल 100 सीटों से बढ़ाकर 150 करने की स्थायी अनुमति दी गई), मेडिकल कालेज श्रीनगर में 150 और शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस, श्रीनगर में 100  एमबीबीएस सीटें हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए गवर्नमेंट मेडिकल कालेज राजोरी, अनंतनाग, बारामुला और कठुआ में 25 अतिरिक्त सीटें देने का प्रस्ताव है।

जिससे ये प्रत्येक कालेज में ये सीटें बढ़कर 125 हो जाएंगी। इसी तरह जीएमसी जम्मू और श्रीनगर में अतिरिक्त 37-37 और स्किमस श्रीनगर में 25 सीटें बढ़ेंगी। जिससे कुल सीटें बढ़ जाएंगी। नए कालेजों के निदेशक (कोआर्डिनेशन) डॉ. यशपाल शर्मा के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए दस फीसदी सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव है, जिसमें ओवरआल 25 फीसदी एमबीबीएस की सीटें बढ़ेंगी।