केंद्र सरकार के निर्देश के बाद फंसे लोगों को लाने के लिए एसओपी जारी, चरणबद्ध तरीके से होगी वापसी

केंद्र के निर्देश के बाद बाहरी राज्यों में फंसे लोगों को लाने के लिए केंद्र शासित प्रदेश ने एसओपी जारी कर दी है। इसके तहत रेड जोन तथा हॉट स्पॉट जिलों से किसी को भी बिना पूर्व अनुमति की आने की इजाजत नहीं होगी। लोगों को चरणबद्ध तरीके से लाया जाएगा। फंसे श्रमिकों तथा छात्रों को तरजीह दी जाएगी। यहां पहुंचने वाले सभी लोगों का कोरोना टेस्ट अनिवार्य तौर पर कराया जाएगा। बिना अनुमति के आने वालों को 21 दिन तक प्रशासनिक क्वारंटीन में लखनपुर रहना होगा। एसओपी के अनुसार लखनपुर के प्रभारी अधिकारी अजीत कुमार साहू सभी लोगों के कोरोना टेस्ट की लखनपुर, कठुआ व सांबा में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से व्यवस्था कराएंगे। इसके बाद उन्हें गंतव्य के लिए रवाना किया जाएगा। यदि किसी जिले में प्रशासनिक क्वारंटीन की व्यवस्था नहीं हो पाती है तो मंडलायुक्त पास के जिले में इसकी व्यवस्था कराएंगे। रेड जोन तथा जिले से आने वाले को 21 दिन के लिए प्रशासनिक क्वारंटीन में रखना होगा। जो लोग रेड जोन तथा जिले से नहीं होंगे, उन्हें भी 21 दिन तक होम क्वारंटीन रहना होगा। संबंधित डीसी घर के बाहर स्टिकर चिपकाने की व्यवस्था करेंगे और एसपी संबंधित इलाके में पुलिस को सक्रिय रखेंगे। एसओपी में डीसी तथा डिवीजनल कमिश्नर के दायित्व भी बताए गए हैं। डीसी को स्कूल भवन, पंचायत घर, हॉस्टल, युवा केंद्र, सामुदायिक केंद्रों आदि का इस्तेमाल करते हुए क्वारंटीन क्षमता बढ़ाने को कहा गया है।  प्रमुख सचिव गृह शालीन काबरा को नोडल अफसर नियुक्त किया गया है, जो अन्य राज्यों के नोडल अफसरों से समन्वय स्थापित करेंगे।
जम्मू-कश्मीर में फंसे दूसरे राज्यों के प्रवासी मजदूरों की वापसी के लिए श्रम विभाग के कमिश्नर सेक्रेटरी को नोडल अफसर बनाया गया है। वह अन्य राज्यों से समन्वय स्थापित कर उनकी वापसी कराएंगे। 

लद्दाख समेत रेड जोन वाले 24 राज्यों की सूची जारी
एसओपी के साथ केंद्र शासित लद्दाख के कारगिल जिले समेत 24 राज्यों व इन राज्यों के जिलों की सूची भी जारी की गई है, जो रेड जोन में शामिल हैं। इन जिलों के लोगों को बिना अनुमति के आने की अनुमति नहीं होगी।