जम्मूः आज से भूख हड़ताल करेंगे पंच-सरपंच, प्रदेश सरकार की नीतियों से है नाराजगी

प्रदेश सरकार की नीतियों से खफा पंचायतों के जनप्रतिनिधि पंच सरपंच मंगलवार को जम्मू प्रदर्शनी मैदान पर भूख हड़ताल पर बैठेंगे। सात दिन चलने वाली इस भूख हड़ताल में मनरेगा योजना के तहत एक हजार करोड़ से अधिक रुपये के भुगतान सहित अन्य मांगों को दोहराया जाएगा। ऑल जेएंडके पंचायत कांफ्रेंस के बैनर तले जिला स्तर पर भी आंदोलन तेज किया जाएगा। कांफ्रेंस के प्रधान अनिल शर्मा ने कहा कि 2014 से 2019 तक मनरेगा योजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों पर सामग्री का एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान बकाया है। सरकार को इस संदर्भ में कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन इस ओर कोई उचित कदम नहीं उठाए गए हैं। सरकार ने 73वें संशोधन के दावे किए थे, लेकिन इस पर भी कुछ नहीं किया गया है। 

जनप्रतिनिधि पंचों, सरपंचों को जो मानदेय दिया जा रहा है वह भी कम है, लिहाजा उनके मानदेय को बढ़ाने पर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने बैक टू विलेज कार्यक्रम की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। पहले चरण में हुए बैक टू विलेज कार्यक्रम में पंचों सरपंचों ने खुद से खर्चा किया था, उसका भुगतान नहीं किया गया। साथ ही पिछली बार जो वादे किए गए थे, उन पर भी काम नहीं किया गया है। 

उन्होंने कहा कि पंचायतों में एक योजना के लिए कम से कम दस लाख रुपये रखे जाएं, मौजूदा राशि नाकाफी है। उन्होंने कहा कि जम्मू से प्रदेश स्तर के आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। यहां सोमवार को पत्रकारों से रूबरू होते हुए सरपंच बिशन दास ने पंचों, सरपंचों से भूख हड़ताल को सफल बनाने की अपील की है। 

उन्होंने कहा कि पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए 21 विभागों को उनके साथ जोड़ने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर संबंधित विभागों की ओर से उन्हें कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। सभी संबंधित विभागों को पंचायतों के संपर्क में लाया जाए।