Coronavirus के कहर से बचने के लिए जम्मू में लोग कर रहे हैं गावों का रुख, भीड़ भाड़ वाले इलाकों से हो रहे हैं दूर

कोरोना वायरस से बचने के लिए जम्मू में लोग अब वापस अपने गांव का रुख करने लगे हैं. शहर में कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे और स्कूलों में हुई छुट्टियों के चलते लोग गांव में बने अपने घरों की तरफ जाने लगे हैं. आंकड़ों पर नज़र डालें तो जम्मू शहर में सामने आ रहे कोरोना वायरस के मामलो के बजाय गांव में इस बीमारी का इतना प्रकोप नहीं है. गांव पहुंच रहे यह लोग शहर की भागदौड़ और प्रदूषण से दूर गांव में खेतों और बाग़ बगीचों में ताज़ी हवा के बीच खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं.

डक्टरों की मानें तो कोरोना को रोकने के लिए भीड़ भाड़ वाले इलाकों से दूर रहना ज़रूरी है और इसी लिए प्रशासन इन दिनों सोशल डिस्टेसिंग को प्रभावी बनाने के लिए कई आदेश जारी कर रहा है, लेकिन शहर छोड़ कर गांव जाकर रह रहे यह लोग शहर की भीड़ भाड़ से भी बच रहे हैं.

वहीं जो लोग अपनी नौकरी या दूसरी व्यस्तता के कारण गांव नहीं जा पा रहे हैं वो अपने बच्चों और परिवार को गांव भेज रहे हैं ताकि परिवार को कोरोना वायरस से बचा सके.

जम्मू में पांच गुना महंगे हुए प्लेटफॉर्म टिकट

कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए प्रसाशन जम्मू हर दिन नए कदम उठा रहा है और इसी के चलते रेलवे स्टेशन में भीड़ कम करने के लिए प्लेटफार्म टिकटों की कीमतों को 50 रुपये किया गया है.जम्मू में प्लेटफार्म टिकट की कीमतों में बढ़ोतरी जहां इन टिकटों की बिक्री में कमी आयी है, लेकिन वहीं रेलवे की आमदनी बढ़ गयी है.

पूरे देश की तरह जम्मू रेलवे स्टेशन पर भी प्लेटफार्म टिकट की कीमतें 10 रूपये से बढ़ा कर 50 रुपये कर दी गयी है. हालांकि यह कदम रेलवे प्रशासन ने कोरोना वायरस को धोने के लिए ज़रूरी सोशल डिस्टन्सिंग यानि सामाजिक दूरी को बनाये रखने के मक़सद से लिया है जिसके पीछे मंशा रेलवे प्लेटफार्म पर भीड़ को कम करना है. रेलवे प्रशासन द्वारा उठाये गए इस कदम का असर भी पड़ा है और जम्मू रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म टिकटो की बिक्री में 50 प्रतिशत तक की कमी आयी है.