जम्मू-कश्मीर पुलिस के दो जांबाज पर्वतारोहियों ने एवरेस्ट फतह किया

जम्मू-कश्मीर पुलिस के दो जांबाज पर्वतारोहियों ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी फतह कर जम्मू-कश्मीर पुलिस और देश के नाम को चार चांद लगाए हैं। केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राज्य पुलिस के जांबाजों को इस शानदार उपलब्धि के लिए मुकारकबाद दी है। उन्होंने टवीट किया कि 11 जांबाज पर्वतरोहियों को विश्व की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट फतह करने के लिए बहुत-बहुत बधाई। दल में शामिल 9 आईबी और दो जम्मू-कश्मीर पुलिस के जांबाज ने यह सिद्ध कर दिया है कि वे हरेक क्षेत्र में किसी से भी कम नहीं हैं।

राज्यपाल सत्यपाल मलिक, मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम और जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक दिलबाग सिंह ने भी  सिलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल नजीर अहमद और फलेल सिंह को उनके नाम से पहले एवरेस्ट शब्द जुड़ जाने के लिए मुबारकबाद दी है। गौरतलब है कि गत 25 मार्च को राज्य पुलिस के महानिदेशक दिलबाग सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आर्मड एसजेएम जिलानी सहित अन्य पुलिस अधिकारी ने पुलिस के इन दोनों जांबाज को शुभकामनाएं देकर रवाना किया था।

आईजीपी दानिश राणा ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के सिलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल फलेल सिंह और सिलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल नजीर अहमद को माउंट एवरेस्ट अभियान पर जाने से पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस का ध्वज भी सौंपा था। जम्मू-कश्मीर पुलिस के इन दोनों जांबाजों का चयन सिक्किम स्थित सोनम ज्ञालसो माउंटेनरिंग इंस्टीट्यूट में आयोजित सिलेक्शन ट्रॉयल के दौरान हुआ था।

इससे पहले सब इंस्पेक्टर एवरेस्टर राम सिंह जम्मू-कश्मीर पुलिस के पहले पवर्तारोही हैं जिन्होंने 22 मई 2008 को विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतेह की थी। राम सिंह ने फिर वर्ष 2009 को पुलिस की पर्वतारोहियों की टीम भी तैयार की थी। पुलिस की पवर्तारोही की टीम एवरेस्टर राम सिंह के नेतृत्व में अब तक देश-विदेश में स्थित 25 ऊंची चोटियां फतेह कर चुकी है। पुलिस की पर्वतारोही की टीम वर्ष 2009 से वर्ष 2018 तक वार्षिक अमरनाथ यात्रा के दौरान 3000 श्रद्धालुओं काे सीआरपीएफ एवं एसडीआरएफ के सहयोग से प्राकृतिक आपदाओं से बचाने में कामयाब रही है।