जम्मू-कश्मीर में प्रदूषण से चार साल कम हो रही जिंदगी

प्रदूषण के चलते जम्मू वासियों की जिंदगी चार साल कम हो रही है। यह बात एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट एट युनिवर्सिटी ऑफ शिकागो यानी एपिक इंडिया के एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स (एपिक) के शोध में सामने आया है। इतना ही नहीं, बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते जम्मू शहर का नाम नेशनल एयर एक्शन प्लान (एनसीएपी) के तहत आने वाले देश के 122 सबसे ज्यादा खराब शहरों की लिस्ट में भी आ चुका है।जम्मू यूनिवर्सिटी में आयोजित चर्चा सत्र में जम्मू-कश्मीर की हवा गुणवत्ता से जुड़ी ऐसी ही बातें सामने आईं हैं। यूनिवर्सिटी के पर्यावरण विज्ञान विभाग और एपिक इंडिया के संयुक्त कार्यक्रम में बताया गया कि वायु प्रदूषण के चलते जिंदगी कम हो रही है। 

जेयू के वीसी प्रो. मनोज धर ने कहा कि जरूरी है कि हम सब मिलकर वायु प्रदूषण जैसी गंभीर समस्या पर अधिक से अधिक बातचीत करें, ताकि शहर में आबोहवा बनी रहे। एक्यूएलआई जैसी वेबसाइट्स बताती है कि समस्या कहां है और हमें और सुधर लाने के लिए कितनी मेहनत करनी है।