जम्मू-कश्मीर में छह महीने के लिए बढ़ा राष्ट्रपति शासन, कैबिनेट की बैठक में हुआ फैसला

जम्मू-कश्मीर में लगे राष्ट्रपति शासन को छह महीने के फिर से बढ़ा दिया गया है। विधानसभा चुनाव में किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिलने से यहां किसी की सरकार नहीं बन पाई थी।

इसके चलते राज्य में राष्ट्रपति शासन लग गया था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कैबिनेट मीटिंग में राष्ट्रपति शासन बढ़ाने का फैसला लिया गया। जम्मू-कश्मीर में 19 दिसम्बर 2018 से राष्ट्रपति शासन लागू है। इससे पहले वर्ष 1990 से अक्टूबर 1996 तक जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन रहा था।

राष्ट्रपति शासन लागू हो जाने के बाद राज्यपाल की सारी विधायी शक्तियां संसद के पास होती हैं और कानून बनाने का भी अधिकार संसद के पास रहता है। नियमानुसार राष्ट्रपति शासन में बजट भी संसद से ही पास होता है। राष्ट्रपति शासन में राज्यपाल अपनी मर्जी से नीतिगत और संवैधानिक फैसले नहीं कर पाते हैं। इसके लिए उन्हें केंद्र से अनुमति लेनी होती है।

भाजपा के समर्थन वापस लेने के बाद जून 2018 में महबूबा मुफ्ती सरकार गिर गई थी। 21 नवंबर 2018 को विधानसभा भंग कर दी गई थी। राज्यपाल शासन की अवधि भी 19 दिसंबर 2018 को समाप्त हो गयी थी।