विधायक के भी संपर्क में था डीएसपी देविंदर के साथ पकड़ा गया आतंकी

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों को अपनी कार में ले जाते वक्त गिरफ्तार पूर्व डीएसपी देविंदर सिंह मामले में अहम खुलासा हुआ है। नैशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने अपनी जांच में दावा किया है कि देविंदर सिंह के साथ इस महीने की शुरुआत में पकड़ा गया हिज्बुल मुजाहिद्दीन का आतंकवादी सैय्यद नवीद हाल ही में भंग जम्मू-कश्मीर विधानसभा के एक निर्दलीय विधायक के संपर्क में था।

मौजूदा समय में नवीद राष्ट्रीय जांच एजेंसी की हिरासत में है। अधिकारियों के मुताबिक, नवीद ने पूछताछ में बताया कि उत्तरी कश्मीर में आतंकवादियों का मजबूत ठिकाना बनाने के लिए वह विधायक के नियमित संपर्क में था और छिपने के संभावित इलाके की तलाश कर रहा था। कड़ी पूछताछ में नवीद ने निर्दलीय विधायक सहित अपने संपर्कों की जानकारी देनी शुरू की। 23 जनवरी को नवीद के भाई सैयद इरफान अहमद को भी पंजाब से लाने के बाद गिरफ्तार किया गया। नवीद लगातार अपने भाई के संपर्क में था और कश्मीर की कड़ाके की ठंड से बचने के लिए चंडीगढ़ में रहने की व्यवस्था करने को कहा था।
देविंदर पर हिज्बुल की मदद करने का आरोप
एनआईए एक वरिष्ठ अधिकारी ने हमारे सहयोगी इकनॉमिक टाइम्स को बताया, ‘एनआईए की टीम सोमवार को देविंदर के घर और एयरपोर्ट पर कार्यालय भी गई थी।’ देविंदर को नवीद और हिज्बुल के दो आतंकी रफी अहमद और इरफान मीर के साथ कुलगाम में गिरफ्तार किया गया था। ये तीनों जम्मू जा रहे थे। देविंदर पर जम्मू में हिज्बुल के कमांडर की मदद करने का आरोप है।

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एनआईए के अधिकारियों ने निलंबित डीएसपी के परिवार से भी इस सप्ताह पूछताछ की थी। एनआईए अधिकारी श्रीनगर इंटरनैशनल एयरपोर्ट पर देविंदर के ऑफिस भी गए थे। डीएसपी की तैनाती एयरपोर्ट पर ऐंटी-हाइजैकिंग विंग में थी। अधिकारियों ने फिलहाल नवीद के विधायक के साथ संबंध के बारे में अधिक जानकारी नहीं दी है।

देविंदर पर आर्म्स ऐक्ट सहित कई केस दर्ज
अधिकारियों ने बाद में नवीद के भाई को भी गिरफ्तार किया था। ये सभी लोग एनआईए की 15 दिन की हिरासत में हैं। पूछताछ के दौरान नवीद ने प्रतिबंधित हिजबुल मुजाहिदीन में अपनी भूमिका के बार में कई बाते बताईं जबकि मीर सीमा के दोनों ओर आतंकवादी समूह के शीर्ष आतंकवादियों के साथ संपर्क में प्रमुख कड़ी के रूप में उभरा। नवीद की ओर से दी गई जानकारी के आधार पर सुरक्षाबलों ने कई जगहों पर छापेमारी की कार्रवाई की और आतंकवादी संगठन के लिए भूमिगत रहकर काम करने वाले कुछ लोगों को पकड़ा।

एनआईए ने देविंदर और अन्य के खिलाफ आर्म्स ऐक्ट, एक्सप्लोसिव सब्सटेंस ऐक्ट और गैर कानूनी गतिविधियों (निरोधक) कानून के तहत मामला दर्ज किया है। इनसे एके 47 राइफल, विदेशी पिस्टल और गोली बारूद सहित कई चीजें बरामद की गई थी।

करप्शन की रकम से खरीदी अवैध प्रॉपर्टी
एनआईए की जांच में सिंह के नेटवर्क का पता लगाना, मीर की गतिविधियां भी शामिल हैं। मीर को देविंदर और हिज्बुल कमांडर के बीच कड़ी माना जा रहा है। मीर के कई बार पाकिस्तान जाने की भी जांच की जा रही है। देविंदर पर पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, लेकिन उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई थी। देविंदर की कई स्थानों पर प्रॉपर्टी का भी पता चला है। ऐसा शक है कि उसने भ्रष्टाचार से मिली रकम से ये प्रॉपर्टी खरीदी थी।