जम्मू-कश्मीर वैश्विक निवेश सम्मेलन-2020: उधमपुर बनेगा इंडस्ट्रिलय हब, मिलेगा रोजगार

वैश्विक निवेश सम्मेलन से पहले जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने विकास से जुड़ी गतिविधियां तेज कर दी हैं। उधमपुर को इंडस्ट्रियल हब बनाने के लिए आठ हजार कनाल जमीन स्टेट लैंड इंडस्ट्रीज के हवाले कर दी गई है। पूरे जिले में 531 स्थानों को औद्योगिक इकाइयों की चरणबद्ध स्थापना के लिए चुना गया है। पहले चरण में रामनगर, मजालता और उधमपुर में काम शुरू होगा। इसके लिए 6500 कनाल जमीन जिला इंडस्ट्रीज सेंटर (डीआईसी)को सौंप दी गई है। इससे स्थानीय लोगों को व्यापक स्तर पर रोजगार उपलब्ध होगा।
राजस्व विभाग ने यह स्टेट लैंड जिले में अलग-अलग स्थानों पर दी है क्योंकि इतनी ज्यादा जमीन एक ही स्थान पर मिलना संभव नहीं था। 531 स्थानों पर जमीन दिए जाने से अंदाजा लगाया जा रहा है कि आने वाले समय में जिले में इतने उद्योग स्थापित होंगे। जम्मू संभाग में सांबा, कठुआ के बाद सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र उधमपुर होगा। पिछले दिनों केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इसका एलान किया था।

विंड एनर्जी सहित कई तरह के प्रोजेक्ट लगेंगे
इंडस्ट्रियल एस्टेट में केवल फैक्ट्रियां नहीं लगेगी। इन स्थानों पर विंड एनर्जी, सोलर एनर्जी, एडवेंचर स्पोर्ट्स, योगा सेंटर, अस्पताल, स्कूल व अन्य कई तरह के उद्योग के लिए जमीन दी जाएगी।

रामनगर, मजालता और उधमपुर में पहले शुरू होगा काम
इंडस्ट्रियल एस्टेट के तहत शुरुआत में उधमपुर, रामनगर व मजालता तहसील में उद्योग लगाया जाएगा। इन तीन स्थानों के लिए करीब 6500 कनाल जमीन डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्रीज सेंटर को उपलब्ध करवा दी गई है। इसके अलावा चिनैनी, तंजूर, पटनीटाप व अन्य कई स्थानों पर जमीन दी जाएगी।