केंद्र ने जम्मू-कश्मीर में उझ बहुउद्देशीय परियोजना की परिवर्तित डीपीआर को मंजूरी दी

केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में उझ बहुउद्देशीय परियोजना (एमपीपी) की संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी दे दी है। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि इसकी अनुमानित लागत 9,167 करोड़ रुपये है। प्रवक्ता ने कहा कि बड़ी एवं मध्यम सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण और बहुउद्देश्यीय परियोजनाओं के प्रस्तावों की तकनीकी व आर्थिक व्यवहार्यता पर विचार करने वाली केंद्रीय सलाहकार समिति ने कुछ शर्तों के साथ इस परियोजना के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। प्रवक्ता ने कहा कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिंधु जल संधि के नजरिये से सीमा पार जाने वाले पानी के इस्तेमाल और नियमन को इस दौरान ध्यान में रखा गया।यह परियोजना जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में उझ नदी पर स्थित है जो रावी नदी की प्रमुख सहायक नदियों में से एक है। इसमें नदी पर 116 मीटर ऊंचा बांध बनाने का प्रस्ताव है जिसमें पूर्ण जलाशय स्तर 608 मीटर है। प्रस्तावित बांध स्थल पंचतीर्थी से करीब 1.6 किलोमीटर नीचे बारबरी गांव में स्थित है। बिजलीघर स्थल बांध से करीब 9.5 किलोमीटर नीचे देवली गांव के पास स्थित है। प्रवक्ता ने कहा कि जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग की सलाहकार समिति ने केंद्रीय सचिव यू पी सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में हाल ही में एमपीपी परियोजना की संशोधित डीपीआर को मंजूरी दी। उझ एमपीपी की डीपीआर शुरू में केंद्रीय जल आयोग के सिंधु घाटी संगठन ने 2013 में तैयार की थी। प्रवक्ता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने उझ बहुउद्देशीय परियोजना की संशोधित डीपीआर तैयार की है जिससे इसमें 23973 हेक्टेयर के नहरी खेती योग्य क्षेत्र को शामिल किया जा सके जो पहले इसके दायरे में नहीं था। उन्होंने कहा कि एमपीपी के मुख्य बिजलीघर की क्षमता 186 मेगावाट की होगी।