समस्याएं सुलझाने जम्मू-कश्मीर गये केंद्रीय मंत्रियों ने लोगों का दिल भी जीता

जम्मू-कश्मीर के लोगों का दिल जीतने के मिशन पर निकले मोदी सरकार के 36 मंत्रियों ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में जाकर आम लोगों की परेशानियों को समझा और उनके मन की बात जानी। यही नहीं कई केंद्रीय योजनाओं के लाभों से भी लोगों को अवगत कराया। देखा जाये तो आजाद भारत में ऐसा पहली बार हुआ जब इतनी बड़ी संख्या में केंद्र के मंत्रियों ने किसी राज्य खासकर जम्मू-कश्मीर का दौरा किया हो और लोगों की समस्याओं का समाधान करने उनके द्वार तक पहुँचे हों। केंद्र सरकार के आउटरीच कार्यक्रम के तहत जम्मू-कश्मीर के विभिन्न ब्लॉकों में केंद्रीय मंत्रियों के कार्यक्रम आयोजित किये गये। निर्धारित कार्यक्रमों के अलावा भी केंद्रीय मंत्रियों ने लोगों से मिलने के लिए कभी चाय की दुकान तो कभी पटरी बाजार आदि का दौरा किया।

केंद्रीय कानून, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बारामूला जिले का दौरा किया और कई विकास योजनाओं का उद्घाटन किया। जिस बारामूला को कभी आतंकवादियों का गढ़ कहा जाता था वहां 370 हटने के बाद से पूरी तरह शांति है और रविशंकर प्रसाद ने इसी बारामूला जिले के बाजार का पैदल दौरा किया और लोगों से बातचीत कर उनके मुद्दों को समझा। रविशंकर प्रसाद ने बारामूला में इंडोर स्टेडियम का उद्घाटन किया जिसमें बास्केटबॉल, वालीबॉल, बैडमिंटन और योग आदि खेलों की सुविधाएं मौजदू हैं। साथ ही उन्होंने खेल स्टेडियम में मिनी पेवेलियन ब्लॉक की नींव भी रखी। रविशंकर प्रसाद ने हाल ही में 10वीं और 12वीं कक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वाली छह छात्राओं को पुरस्कार स्वरूप लैपटॉप भी दिये और केंद्र सरकार की विवाह सहायता योजना के तहत 40-40 हजार रुपये के चेक कई लाभार्थियों को वितरित किये और अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा की स्थिति और विकास परियोजनाओं संबंधी कार्यों की समीक्षा की। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बीएसएनएल लैंडलाइन ग्राहकों के लिए वॉयस प्लान भी लांच किया। इस प्लान के तहत ग्राहक 1099 रुपए में साल भर तक अनलिमिटेड कॉल की सुविधा पा सकेंगे। इसके अलावा उन्होंने 40 सीटों की क्षमता वाले आईटी लैब का शुभारम्भ करने के अलावा लड़कों और लड़कियों के लिए दो अलग-अलग हॉस्टल का उद्घाटन किया। संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद श्रीनगर के जीपीओ भी पहुँचे और उन्होंने महिला पोस्ट ऑफिस और पार्सल हब का उद्घाटन करते हए कहा कि आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण भी जल्द ही कश्मीर में स्थापित किया जाएगा। मंत्री ने यह भी ऐलान किया कि शीघ्र ही जम्मू-कश्मीर के 350 अधिवक्ता नोटरी बन जाएंगे। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बारामूला के 38 पंचायत क्षेत्रों के लिए भारतनेट सुविधा का ई-उद्घाटन करने के अलावा कुछ ब्लॉक विकास परिषदों के चेयरमैनों और पंच-सरपंचों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक भी की और लगभग 18 प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठक कर उन्होंने उनकी मांगें सुनीं और समस्याओं को समझा।

दूसरी ओर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने मध्य कश्मीर के गांदरबल का दौरा किया और आम लोगों से मुलाकात करने के अलावा पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में एक समारोह की अध्यक्षता भी की। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने व आतंकवाद को कुचलने में पुलिस की अहम भूमिका है। देश की एकता, अखंडता की खातिर जम्मू कश्मीर पुलिस ने जो बलिदान दिया, वैसा शायद ही दुनिया के किसी अन्य कोने में किसी पुलिस संगठन ने दिया हो। रेड्डी ने क्षेत्र में 20 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया और दुधरामा बाईपास की नींव रखी। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि विकास, शांति और आर्थिक बेहतरी जल्द ही जम्मू और कश्मीर में लोगों की किस्मत बदलेगी।

कश्मीर में भेजे गये एक और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने लोगों से बातचीत के दौरान कहा कि राज्य का विकास केंद्र सरकार के लिए प्राथमिकता है। उन्होंने बड़गाम का दौरा कर वहां कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। नित्यानंद राय ने बडगाम में मनरेगा संबंधी कार्यों की नींव रखी। लड़कियों के हॉस्टल और डॉक्टरों के हॉस्टल का उद्घाटन भी किया। गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने शेखपोरा बड़गाम में एक बड़ी सार्वजनिक सभा को भी संबोधित किया और कहा कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नये रास्ते खोलने के लिए नए नीतियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नित्यानंद राय ने लोकतंत्र को देश की ताकत करार देते हुए कहा कि यह सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वह लोकतंत्र को मजबूत करने में योगदान दें। इस आउटरीच कार्यक्रम के तहत नित्यानंद राय ने बीडीसी अध्यक्षों सहित विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों के साथ मुलाकात की।

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी भी श्रीनगर पहुँचे और केंद्र सरकार की उपलब्धियों व योजनाओं को जनता के समक्ष रखा। नकवी ने खासतौर पर जम्मू-कश्मीर के लिए सरकार द्वारा दी गई आर्थिक सुविधाओं के बारे में लोगों को रूबरू कराया। नकवी ने संपर्क कार्यक्रम के दौरान ही श्रीनगर के बाहर दारा क्षेत्र में एक हाई स्कूल की नींव रखी। नकवी ने शहर में हरवन इलाके के सरबंद में जल संरक्षण परियोजना की आधारशिला भी रखी। संपर्क कार्यक्रम के दौरान आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए नकवी ने कहा कि हिमायत कार्यक्रम के तहत प्रदेश को 16 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। साथ ही 12,000 युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है। नकवी ने लोगों को यह भी बताया कि सांबा और अवंतीपोरा में एम्स स्थापित किया जा रहा है। नकवी के साथ संवाद करने के लिए बड़ी संख्या में कश्मीरी लोग जुटे थे और सभी के अंदर नया उत्साह और आंखों में नये सपने थे। नकवी ने श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक का दौरा किया और वहां के स्थानीय दुकानदारों और आम जनता से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को भी सुना।

इस सप्ताह चूँकि खराब मौसम से कश्मीर घाटी विशेष रूप से प्रभावित रही इसीलिए मंत्रियों के कार्यक्रमों में कुछ बाधाएँ भी आईं लेकिन सरकार का जज्बा ऐसा था कि मौसम ज्यादा बाधा नहीं पैदा कर पाया। मंत्रियों ने जहां राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनीं वहीं अनुच्छेद हटने के बाद विकास की तेज हुई मुहिम और केंद्र सरकार की विभिन्न लाभकारी योजनाओं से भी उन्हें अवगत कराया। 18 जनवरी से शुरू हुई इस मुहिम के तहत केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सांबा और कठुआ, डॉ. जितेंद्र सिंह जम्मू और उधमपुर, अश्विनी कुमार चौबे सांबा, डॉ. महेंद्र नाथ पाण्डेय जम्मू, स्मृति ईरानी रियासी में, वी. मुरलीधरन कठुआ, अनुराग सिंह ठाकुर जम्मू, पीयूष गोयल जम्मू, राज कुमार सिंह डोडा, प्रताप सारंगी कठुआ, वीके सिंह उधमपुर, अर्जुन मुंडा रियासी, सुश्री देबाश्री चौधरी जम्मू, किरण रिजिजू जम्मू, कैलाश चौधरी सांबा, गजेंद्र सिंह शेखावत कठुआ, हरदीप सिंह पुरी राजौरी, संतोष कुमार गंगवार रामबन, मुख्तार अब्बास नकवी श्रीनगर, नित्यानंद राय श्रीनगर, प्रहलाद सिंह पटेल उधमपुर, पुरुषोत्तम रूपाला जम्मू, जी. किशन रेड्डी गांदरबल, सोम प्रकाश जम्मू, थावर चंद गहलोत पुंछ, धोत्रे संजय शामराव राजौरी और दानवे राव साहब दादाराव ने राजौरी का दौरा कर लोगों का हाल जाना और समस्याओं को सुलझाने की पहल की। खास बात यह रही कि हर मंत्री के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनता ने भाग लिया और केंद्र सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि जल्द ही हालात और बेहतर होंगे।

बहरहाल, जम्मू-कश्मीर के लिए यह बड़ी राहत भरी बात है कि मोदी सरकार ने जम्मू और कश्मीर के लिए 80 हजार करोड़ रुपए के भारी भरकम पैकेज का ऐलान किया है। सरकार ने कश्मीर में विकास से संबंधित कार्य के लिए इस पैकेज को मंजूरी दी है, निश्चित ही इस पैकेज का सही से उपयोग हो तो जम्मू-कश्मीर की किस्मत बदल सकती है।