वैष्णो देवी दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 84 लाख के पार

जम्मू-कश्मीर के रेयासी जिले में स्थित श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में पिछले पांच साल से जारी गिरावट का सिलसिला वर्ष 2018 में थमा और 84 लाख से अधिक श्रद्धालु इस वर्ष अब तक पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं ।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2017 में कुल 81.78 लाख श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी गुफा के दर्शन किए थे। इस वर्ष यह आंकड़ा नवंबर में ही पार हो गया। वर्ष 2018 में अभी करीब एक सप्ताह शेष है जबकि श्रद्धालुओं की संख्या 84 लाख को पार कर गयी है। पिछले साल की तुलना में तीर्थयात्रियों की संख्या 3.74 लाख तक बढ़ चुकी है।
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मां वैष्णो देवी बोर्ड रोजाना 50 हजार श्रद्धालुओं को आसानी से संभाल सकता है लेकिन ठंड की वजह से तीर्थयात्रियों की संख्या 30 से 35 हजार के बीच ही रह जाती है ।
पिछले साल इस अवधि में गुफा के दर्शन के केंद्र कटरा में रोजाना केवल 15 से 17 हजार श्रद्धालु पहुंच रहे थे लेकिन इस साल तीर्थयात्रियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। गुफा पर पहुंचने के नये रास्ते का इस्तेमाल रोजाना तीन हजार से चार हजार श्रद्धालु कर रहे हैं। नया रास्ता पुराने मार्ग की तुलना में कम भीड़-भाड़ और अधिक सुविधा वाला है।
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड को उम्मीद है कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए 31 दिसम्बर तक यह आंकड़ा 85 हजार को छू सकता है। इसके अलावा भवन-भैरों घाटी रोपवे के शुरू हो जाने से वर्षांत तक श्रद्धालुओं की संख्या में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।
पिछले साल नवंबर में पवित्र गुफा के दर्शन करने वालों की संख्या 339174 और दिसंबर में 522775 रही थी। इस वर्ष नवंबर में 603160 और दिसंबर में अब छह लाख को पार और 24 दिसंबर तक कुल संख्या 84 लाख के ऊपर निकल गयी।
इस वर्ष जनवरी में 545945, फरवरी में 343162, मार्च में 796852, अप्रैल में 728666 और मई में नौ लाख 44 हजार 514 रही। इस वर्ष जून में रिकार्ड 11 लाख 61 हजार 329 श्रद्धालुओं ने गुफा के दर्शन किए। जुलाई में यह संख्या 748713, अगस्त में 690646, सितंबर में 680373 और अक्टूबर में 799596 रही।
वैष्णो देवी गुफा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का रिकार्ड 2013 में एक करोड़ का रहा था। इसके बाद राज्य में सुरक्षा और अन्य कारणों से तीर्थयात्रियों की संख्या में कमी आती रही। इस वर्ष पांच वर्ष की गिरावट का सिलसिला थमा है।