जम्मू-कश्मीर सतर्कता आयोग बंद, 27 अधिकारियों को प्रशासनिक विभागों में भेजा गया

जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन आदेश के तहत प्रदेश सरकार ने जम्मू-कश्मीर सतर्कता आयोग को पूरी तरह से बंद करने का आदेश जारी कर दिया। सामान्य प्रशासनिक विभाग के उप सचिव डॉ. मोहम्मद उस्मान खान ने आदेश जारी कर आयोग में कार्यरत सारे स्टाफ को प्रशासनिक विभागों में रिपोर्ट करने के लिए कहा है।सतर्कता आयोग में तैनात वित्त सलाहकार और अंडर सेक्रेटरी पर आधारित कमेटी को कहा गया है कि वह आयोग के सारे रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, किताबों व अन्य दस्तावेजों व वस्तुओं को जम्मू-कश्मीर एंटी करप्शन ब्यूरो के निदेशक को सौंप दे ताकि रिकॉर्ड की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकें। कमेटी आयोग की इमारत, फर्नीचर और खरीदे गए दो जेनसेट एस्टेट विभाग के निदेशक को सौंपेंगी। सतर्कता आयोग के लिए खरीदे गए दो वाहनों को जेएंडके मोटर गैरेज के निदेशक को सौंपने के लिए कहा गया है। आयोग में रहे 27 अधिकारियों में वित्त सलाहकार रहे मोहम्मद इकबाल को वित्त विभाग, अकाउंटेंट नवीन चंद्र को वित्त विभाग व निजी सचिव मुनू जी भट, निजी सचिव मुल्ख राज शर्मा और अंडर सेक्रेटरी अरशद हुसैन भट को सामान्य प्रशासनिक विभाग में भेजा गया है।सेक्शन अफसर रवनीत सिंह, सीनियर स्टेनोग्राफर मोहम्मद असलम, हेड क्लर्क अनिल कुमार, जूनियर असिस्टेंट राजिंद्र कुमार को भी सामान्य प्रशासनिक विभाग में भेजा गया है। सीनियर प्रॉसिक्यूटिंग अफसर बशीर अहमद भट, प्रॉसिक्यूटिंग अफसर हरि सिंह और रोहित कुमार को गृह विभाग व अन्य अधिकारियों को नियुक्ति के लिए पुलिस महानिदेशक को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है।