जम्मू-कश्मीर: सरकार ने देर रात शराब की दुकानों को खोलने का दिया आदेश, भीड़ हुई जमा

जम्मू में लॉकडाउन के चलते पिछले 2 महीने से बंद पड़ी शराब की दुकानों को खोलने का आदेश प्रदेश के आबकारी विभाग ने बुधवार देर रात दिया. लेकिन, इस आदेश को लेकर विवाद तब खड़ा हुआ जब प्रदेश की कुल 225 शराब की दुकानों में से सिर्फ 35 दुकानों को खोलने का आदेश जारी हुआ. खोली गयी शराब की दुकानों में से कुछ को पुलिस ने कुछ ही घंटों के बाद बंद करवाया.
करोना वायरस को हराने के लिए देशभर में जारी लॉकडाउन के बीच जिंदगी और अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार ने बुधवार से ही कुछ बड़े आदेश जारी किए. इन आदेशों के तहत जहां बुधवार सुबह से ही जम्मू में सारी दुकानों को खोलने की सशर्त इजाजत दी गई, वहीं इसके साथ ही कृषि और बागवानी क्षेत्र से जुड़े लोगों को काम करने की इजाजत भी दे दी गई. इसी आदेश में हालांकि यह कहा गया था कि प्रदेश की सभी शराब की दुकानें खुलेगी, लेकिन आबकारी विभाग की तरफ से हरी झंडी ना मिलने के कारण बुधवार को शराब की दुकान नहीं खोली गईं.

वहीं, बुधवार देर शाम आबकारी विभाग की तरफ से जारी आदेश में कहा गया कि प्रदेश की 225 शराब की दुकानों में से 35 को खोल दिया जाए. इन 35 दुकानों में से 6 जम्मू शहर में है, शराब की दुकानें खुलने की खबर सुनते ही इन दुकानों के बाहर लोगों की लंबी कतार लग गई. वहीं जम्मू-कश्मीर वाइन ट्रेडर्स एसोसिएशन के मुताबिक सरकार ने यह फैसला जल्दबाजी में लिया है. एसोसिएशन का दावा है कि अगर बुधवार से प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी ने आदेश में सभी दुकानों को खोलने की बात कही थी तो उस आदेश का पालन क्यों नहीं हुआ.

एसोसिएशन ने यह भी दावा किया है कि स्टैंडअलोन के नाम पर 35 दुकानें खोलकर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ेगी और लोग शराब खरीदने के लिए इन दुकानों पर भारी संख्या में जमा होंगे. एसोसिएशन यह भी दावा कर रही है कि आबकारी विभाग को अपनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बेशक कुछ दिनों बाद ही लेकिन प्रदेश की सभी दुकानों को खोलने के आदेश दे देनी चाहिए थी. गौरतलब है कि इससे पहले प्रदेश सरकार ने जम्मू कश्मीर में शराब के दामों में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी की थी जिसका मकसद जम्मू कश्मीर में राजस्व को बढ़ाना था.