जम्मू-कश्मीर: देश और दुनिया को कोरोना से बचाने के लिए किया गया हवन

जम्मू-कश्मीर में कोरोना से संक्रमित लोगों का आंकड़ा 1000 के पार हो चुका है. यह महामारी तेजी से अब पूरे प्रदेश में पांव पसार रही है. देश और दुनिया को इस महामारी से बचाने के लिए और पर्यावरण शुद्धि के लिए कैलख ज्योतिष और वैदिक संस्थान ट्रस्ट ने जम्मू में हवन करवाया.

इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रोहित शास्त्री ने कहा कि हवन की अग्नि से वातावरण शुद्ध होता है. मनुष्य को प्रभावित करने वाली शक्तियां यज्ञ की अग्नि और धुएं से ही समाप्त हो जाती हैं. भारत सरकार गंभीरता से कोरोना वायरस को लेकर उपाय कर रही है. उन्होंने लोगों से कहा कि भ्रम व अफवाहों से सचेत रहने की आवश्यकता है. पर्यावरण का हमारे जीवन पर सीधा असर पड़ता है.

उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ छेड़छाड़ करते हैं तो हमें अनसुनी बीमारियों से लड़ना पड़ता है. अब विश्व में कोरोना वायरस का प्रकोप है. इस से बचने के लिए गाय के गोबर के उपले और लकड़ी, तना और पत्ता, पीपल का तना और छाल, बेल, नीम, पलाश, गूलर की छाल, चंदन की लकड़ी, अश्वगंधा, ब्राह्मी, मुलैठी की जड़, कर्पूर, तिल, चावल, लौंग, गाय का घी, गुग्गल, लोभान, इलायची, शक्कर,जौ,अलावा, सूखा नारियल या गोला,कपुर,गाय का घी,चिरायता, कालमेघ, तुलसी, सर्पपंखा, करांजगीरी, गिलोय, कुटकी,बिल्व,नीम की निमोली का मिश्रण बनाकर औषधियुक्त हवन सामग्री से हवन करें.

उनके मुताबिक औषधि युक्त हवन सामग्री से यज्ञ करने से कोरोना, डेंगू,स्वाइन फ्लू सहित सांस से संबंधित जो बीमारियां नहीं फैलती है. प्रतिदिन हवन करने से संक्रमण से बचाव हो सकता है.