J&K: कठुआ का हीरानगर सेक्टर बना आतंकी संगठन जैश का पसंदीदा घुसपैठ स्थल, स्लीपर सेल भी काम पर एक्टिव

आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद घुसपैठ के लिए कठुआ जिले के हीरानगर बॉर्डर का इस्तेमाल कर रहा है। हीरानगर से चढ़वाल के बीच पड़ने वाले सात नालों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो आतंकियों की घुसपैठ के फेवरेट प्वाइंट बन चुके हैं। इन इलाकों में आतंकियों के लिए ओवर ग्राउंड वर्करों का स्लीपर सेल काम कर रहा है।

बीते एक महीने में दो ऐसी आतंकी वारदातें सामने आ चुकी हैं, जो इस सूचना को पुख्ता करती हैं। पहले झज्जर कोटली आतंकी हमले से इसका पता चला। अब ताजा मामला कश्मीर के त्राल इलाके का है। यहां पर जैश संगठन के सरगना अजहर मसूद का आतंकी भतीजा मारा गया। जिसके हीरानगर बॉर्डर से ही घुसपैठ कर कश्मीर पहुंचने की बात सामने आ रही है।

झज्जर कोटली में मारे गए आतंकी भी हीरानगर सेक्टर से घुसपैठ कर जम्मू पहुंचे। वह कश्मीर जाते वक्त मारे गए। इससे जैश ए मोहम्मद के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। इन आतंकियों के साथ पकड़े गए दो ओवर ग्राउंड वर्कर ने यह खुलासा किया कि वह कई आतंकियों को उक्त सेक्टर से कश्मीर पहुंचा चुके हैं। लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि खुलासा होने के बाद भी जैश के आतंकी इसी क्षेत्र से घुसपैठ कर रहे हैं। वह घुसपैठ करने के बाद कश्मीर तक भी पहुंच रहे हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि जैश ए मोहम्मद के लिए हीरानगर सेक्टर फेवरेट घुसपैठ स्थल बन गया है।

पशु तस्करी की तरह कश्मीर पहुंच रहे आतंकी

जिस तरह जम्मू से कश्मीर पशु तस्करी और नशा तस्करी हो रही है। ठीक उसी तरह जम्मू से कश्मीर के लिए आतंकियों की तस्करी हो रही है। जिसमें ओवर ग्राउंड वर्करों को स्थानीय स्तर पर पूरा सपोर्ट मिल रहा है। एक बड़ा नेक्सस चल रहा है। इसमें ट्रकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन पशु तस्करी और नशा तस्करी में कार्रवाई हो रही है, लेकिन जम्मू से कश्मीर पहुंचने वाले आतंकियों का पता नहीं लग पा रहा।

इन नालों से घुसपैठ
तरनाह नाला
जांडी नाला
बाग नाला
छाप नालरा
बेई नाला
बसेरा नाला
चोर गली

अभी कुछ कहना उचित नहीं
आईजी बीएसएफ, जम्मू, राम अवतार ने बताया कि झज्जर कोटली के आतंकी हमले की एनआईए की तरफ से जांच की जा रही है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती। तब तक कुछ कहना उचित नहीं।