सत्ताधारी परिवारों ने निजी संपत्ति की तरह जेके बैंक का इस्तेमाल किया : जितेंद्र सिंह

केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र ने जेएंडके बैंक को सूचना के अधिकार अधिनियम, मुख्य सतर्कता आयुक्त और राज्य विधानसभा के दायरे में लाकर पीएसयू के वर्ग में लाने के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के फैसले का केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी परिवारों व उनके गुर्गों द्वारा जेएंडके बैंक का दुरुपयोग किया जाता रहा है।

नई दिल्ली से जम्मू पहुंचने पर डॉ. जितेंद्र ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकारी सार्वजनिक संस्थानों में पारदर्शिता व जवाबदेही को सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध है। उसी तर्ज पर राज्यपाल ने रियासत में बेहतर फैसले लिए हैं। पिछले चार दशक से सत्ताधारी परिवार व उनके गुर्गे बैंक को निजी संपत्ति के तौर पर प्रयोग करते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों ने बैंक की स्वायत्तता की धज्जियां उड़ाई हैं जोकि रियासत की स्वायत्तता की मांग करते हैं। उन्होंने राज्यपाल से जेएंडके बैंक का ऑडिट कराने और इसे पब्लिक डोमेन में लाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि इससे बैंक के लाभार्थियों, डिफॉल्टरों, बिना जांच के निवेशकों और नोटबंदी की घोषणा के बाद की अनियमितताओं का पता चल सकता है।

उन्होंने कहा कि राज्यपाल के फैसले पर उंगली उठा रहे लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। जिनके पास आय के स्रोत नहीं थे, वह भी रियासत में रातोंरात अमीर हो गए और उन्होंने देश के महानगरों में संपत्ति खरीदने के अलावा दुबई, यूके व अन्य क्षेत्रों में भी संपत्ति कैसे बना ली। सिंह ने भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्यपाल के फैसलों का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस व उसके गठबंधन सहयोगियों की सरकारों के समय रोशनी भूमि घोटाले, जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन घोटाले, यूसुफ शाह हत्या मामले की भी जांच होनी चाहिए।