जाको राखे साइयां मार सके न कोय…चिता पर लिटाया तो जिंदा हो कर बैठ गया बुजुर्ग

जाको राखे साइयां मार सके न कोय…यानी कि जब तक भगवान न चाहे तब तक किसी को मौत नहीं आ सकती है। यह कहावत जम्मू-कश्मीर में रियासी जिले में चरितार्थ हुई।

दरअसल, पल्लड़ गांव निवासी हरिराम (95) काफी समय से तलवाड़ा माइग्रेंट कॉलोनी में रह रहे थे। रविवार को उनकी कथित मौत के बाद परिजन अंतिम सस्कार के लिए दोपहर बाद शव को चिनाब के किनारे ले गए और चिता पर रख दिया।

चिता जलाने से पूर्व एक रिश्तेदार ने मृतक के मुंह में देसी घी डालते समय पाया कि बुजुर्ग का शरीर गरम है और सांस भी चल रही है। तत्काल बुजुर्ग के शरीर को चिता से नीचे उतारा गया।

मौके पर पहुंचे डॉक्टरों की टीम ने जांच में पाया कि बजुर्ग की सांसें चल रही हैं। उसे तुरंत जिला अस्पताल लाया गया, जहां उपचार जारी है।