जम्मू-कश्मीरः पीडीपी के एक और पूर्व विधायक पर लगा पीएसए

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पीडीपी के एक और पूर्व विधायक पीरजादा मंसूर पर पीएसए लगा दिया है। मंसूर अनंतनाग जिले के शांगुस विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। पिछले साल पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद हिरासत में लिए गए मुख्यधारा के दलों के नौ नेताओं पर अब तक पीएसए की कार्रवाई की जा चुकी है। जिन प्रमुख नेताओं पर पीएसए लगाया गया है, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती भी शामिल हैं।
इससे पहले 15 फरवरी को पूर्व आईएएस अधिकारी और जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट (JKPM) पार्टी के प्रमुख शाह फैसल को पीएसए के तहत गिरफ्तार किया गया। बता दें कि फैसल को 14 अगस्त 2019 को गिरफ्तार किया गया था और एसकेआईसीसी जेल में बंद कर दिया गया था और बाद में एमएलए होस्टल में स्थानांतरित कर दिया गया था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें घर में स्थानांतरित किया जाएगा या एमएलए छात्रावास में रखा जाएगा।

जम्मू-कश्मीर में पांच अगस्त को एहतियातन हिरासत में लिए गए पीडीपी के वरिष्ठ नेता और महबूबा मुफ्ती के मामा सरताज मदनी, नेकां के जनरल सेक्रेटरी अली मोहम्मद सागर और डॉ. बशीर वीरी को रिहा किया जा चुका है। हालांकि रिहाई के तुरंत बाद उन्हें पीएसए में गिरफ्तार कर लिया गया। मदनी और सागर को गुपकार स्थित सरकारी बंगले में ले जाया गया। जबकि वीरी को उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया गया।

गौरतलब है कि इससे पहले पीपुल्स कॉन्फेंस के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सज्जाद गनी लोन, पीडीपी नेता वहीद, पीडीपी नेता अब्दुल कयूम वानी को भी एमएलए हॉस्टल से रिहा कर दिया गया। अमर उजाला ने यह खबर प्रकाशित की थी कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन एहतियातन बंदी बनाए गए नेताओं की हो रही क्रमबद्ध रिहाई के बाद उन नेताओं व कार्यकर्ताओं पर पीएसए के तहत कार्रवाई कर सकता है जिनसे उसे कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका हो।