जम्मू-कश्मीर: श्रीनगर में अस्थाई जेल में नजरबंद 34 नेताओं के पास से छापेमारी में बरामद हुए 12 मोबाइल

मोबाइल फोन के इस्तेमाल की सूचना पर पुलिस और प्रशासन ने शनिवार को एमएलए हॉस्टल में तलाशी ली। इस दौरान नजरबंद राजनीतिक नेताओं से 12 मोबाइल फोन बरामद किए। तलाशी शुरू होते ही वहां अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। गत रविवार को 34 नेताओं को डल झील किनारे स्थित सेंटूर होटल से एमएलए हॉस्टल में शिफ्ट किया गया था। इस दौरान हॉस्टल को अस्थायी जेल घोषित किया था। जेल मैन्युअल के अनुसार यहां रहने वाले मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार प्रशासन को यह सूचना मिली थी कि एमएलए हॉस्टल में बंद नेताओं की ओर से मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने शनिवार को तलाशी अभियान चलाया। प्रत्येक कमरों की तलाशी ली गई। इस दौरान 12 मोबाइल फोन बरामद किए गए। 

सूत्रों ने बताया कि ज्यादातर फोन नेकां से जुड़े नेताओं से मिले। इनमें नेकां के पूर्व विधायक अल्ताफ कल्लू, सलमान सागर तथा अकबर लोन का बेटा शामिल है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं की गई है। लेकिन मोबाइल फोन बरामद होने के बाद हॉस्टल की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। मिलने जुलने आने वालों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। 


पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 हटने के बाद तीन महीने से अधिक समय से सेंटूर होटल में रखे गए 34 राजनीतिक बंदियों को 17 नवंबर को एलएलए हॉस्टल में शिफ्ट किया गया था। इस दौरान करीब सौ दिन में इनके खान-पान तथा सुरक्षा पर लगभग चार करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। 

राजनीतिक बंदियों में पीपुल्स कांफ्रेंस के सज्जाद गनी लोन, नेशनल कांफ्रेंस के अली मोहम्मद सागर व मुबारक गुल, पीडीपी के नईम अख्तर व निजामुद्दीन भट और पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फैसल शामिल हैं। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को 15 नवंबर को जबरवान रेंज की पहाड़ियों पर स्थित चश्मा शाही से शहर में एक सरकारी आवास में भेजा गया था। उनकी बेटी इल्तिजा ने ठंड को देखते हुए शिफ्ट करने की मांग की थी। इल्तिजा ने कहा था कि कड़ाके की ठंड में वहां हीटिंग की सुविधा नहीं होने से मां को दिक्कतें हो रही हैं।