जम्मू-कश्मीरः स्टेट सब्जेक्ट की 500 फाइल होंगी खारिज, जानिए डोमिसाइल व्यवस्था के बारे में अहम बातें

केंद्रीय गृह मंत्रालय की अधिसूचना में स्थायी नागरिकता प्रमाणपत्र (स्टेट सब्जेक्ट) के रद्द होने के साथ जम्मू जिले में स्टेट सब्जेक्ट की करीब पांच सौ फाइलें खारिज हो जाएंगी। जिला प्रशासनिक कार्यालय में अलग-अलग अधिकारियों को क्षेत्र के हिसाब से स्टेट सब्जेक्ट देने का काम बांटा गया था। लेकिन जम्मू-कश्मीर के केंद्रशासित प्रदेश बनने के साथ नई व्यवस्थाओं से स्टेट सब्जेक्ट प्रक्रिया खत्म हो गई है। वहीं अब दूसरे राज्यों की तर्ज पर डोमिसाइल व्यवस्था की मांग उठने लगी है। इसमें एक दशक से अधिक समय तक रहने वाला नागरिक स्थायी नागरिकता का हकदार बन जाता है।हाल ही में मंडलायुक्त प्रशासन की ओर से एक आदेश में पुलिस में भर्तियों के लिए उम्मीदवारों को स्टेट सब्जेक्ट जारी करने की व्यवस्था की गई थी। लेकिन नई व्यवस्था से स्टेट सब्जेक्ट को खत्म कर दिया गया है। जिला प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार अभी कोई नया एसआरओ जारी नहीं हुआ है, लेकिन डोमिसाइल व्यवस्था को शुरू किया जा सकता है।

हिमाचल प्रदेश में 15 वर्ष तक रहने वाले को स्थायी नागरिकता का अधिकार मिल जाता है। इसी तरह मुंबई महाराष्ट्र में 13 साल रहने वाले को स्थायी नागरिकता का अधिकार मिलता है। जम्मू जिले में ही स्टेट सब्जेक्ट के लिए विभिन्न अधिकारियों के साथ सैकड़ों फाइल विचाराधीन थीं। गत 5 अगस्त से संसद और राज्य सभा में जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन की घोषणा के बाद से जिला कार्यालय में स्टेट सब्जेक्ट नहीं बन पा रहे थे।