जम्मू कश्मीर के 700 युवाओं को भेजा गया राज्य से बाहर, मिलेगा एक्सपोजर: सेना

कश्मीर घाटी के युवाओं को नई दिशा देने के लिए भारतीय सेना लगातार प्रयास कर रही है. कोशिश है कि इन युवाओं के भविष्य को संवारा जाए. छात्रों और कश्मीर के किसानों को राज्य से बाहर एक्सपोजर दिलाने के लिए सेना लगातार उन्हें काम के लिए भेज रही है. सेना के अनुसार इस वर्ष अभी तक करीब 700 छात्रों को राज्य से बाहर विभिन टूर के लिए भेजा जा चुका है. सेना की 15वीं कोर के कमांडर ने श्रीनगर के बादामीबाग सेना हेडक्वाटर में बुधवार को एक समारोह के दौरान घाटी से बाहर भेजे गए युवाओं का स्वागत करते हुए कहा कि कश्मीर के होनहार युवा सही दिशा पकड़ें इसके लिए सेना हर समय प्रयास में लगी रहती है.

दरसल, सेना की ओर से उत्तरी कश्मीर के सीमांत जिले कुपवाड़ा के हंदवारा डिग्री कॉलेज के 15 छात्रों को 10 अक्टूबर को दिल्ली और आगरा के एजुकेशनल टूर पर भेजा गया था. 15वीं कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने बताया कि इस साल अभी तक घाटी के करीब 700 युवा सेना की ओर से आयोजित विभिन सदभावना टूरों पर भेजे जा चुके हैं.

उन्होंने बताया कि इन टूरों के लिए विभिन ऐज ग्रुप के छात्र सेलेक्ट किये जाते हैं, कभी छोटे कभी बड़े. इतना ही नहीं कभी किसानों को भी भेजा जाता है. ढिल्लों के अनुसार इसके पीछे उद्देश्य है कि समाज के लोगों को बाहर जाकर एक्सपोजर मिल सके. इस बार डिग्री कॉलेज के छात्र भेजे गए थे और उसी को ध्यान में रखते हुए टूर प्लान किया गया था.

वहीँ टूर पर गए एक छात्र ने बताया कि यह एक एजुकेशनल टूर था, जिससे हमें काफी फायदा हुआ. उन्होंने बताया कि इस दौरान वेह देश की एक मान्यता प्राप्त एमिटी यूनिवर्सिटी भी गए जहां उन्होंने वहां की वीसी से मुलाकात की जो कि आमतौर पर काफी मुश्किल होती है. उन्होंने बताया कि इस टूर से एक्सपोजर मिला और यहां और बाहर की शिक्षा में अंतर पता चला. समारोह के दौरान जीओसी ने टूर पर गए युवाओं सम्मानित भी किया और आश्वासन दिया की आने वाले वकत में भी सेना घाटी के युवाओं को अच्छा भविष्य देने में मदद करती रहेगी.