श्री अमरनाथ यात्रा के लिए कारगिल मार्ग भी खोले सरकार: विहिप

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की केंद्रीय प्रबंधक समिति ने केंद्रीय व राज्य सरकार से प्रस्ताव पारित कर अपील की है कि श्री अमरनाथ यात्रा के लिए कारगिल से होकर जाने वाला सबसे छोटा व सुरक्षित मार्ग खोला जाए। समिति ने जम्मू कश्मीर में हिंदू तीर्थस्थलों के विकास पर जोर देते हुए कहा है कि हिंदू तीर्थ स्थलों व तीर्थ यात्राओं का विकास ही जम्मू कश्मीर को धरती का स्वर्ग बना सकता है।

कांगड़ा फोर्ट में चल रही बैठक में लिए गए फैसलों की पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए विहिप के केंद्रीय महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा कि श्री अमरनाथ यात्रा ऐतिहासिक रूप से छह अलग-अलग मार्गों से की जाती रही है। वर्तमान में केवल बालटाल व पहलगाम मार्ग से ही यात्रा हो रही है। ऐसे में कारगिल से होकर जाने वाला मार्ग सबसे छोटा व सुरक्षित हैं। ऐसे में इस मार्ग से भी यात्रियों को जाने की अनुमति दी जानी चाहिए।

उन्होंने बताया कि बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा के करीब स्थित शारदा पीठ न केवल शक्तिपीठ हैं अपितु ज्ञान अर्जन का बहुत बड़ा केंद्र रही है। यहां पर स्थित विश्वविद्यालय में एक समय पांच हजार छात्र पढ़ा करते थे। यह पीठ जगतगुरू आद्य शंकराचार्य के साथ भी जुड़ी है।

कल्हन व अभिनव गुप्त जैसे प्रकाण्ड विद्यान भी इस विश्वविद्यालय से जुड़े थे। पूरे देश के हिंदुओं की आस्था का यह महत्त्वपूर्ण केंद्र रही है। ऐसे में केंद्र सरकार को पाकिस्तान सरकार से पुरजोर आग्रह करके शारदा पीठ को हिंदुओं के लिए खुलवाना चाहिए और इसके संचालन का अधिकार आस्थावान हिंदुओं को सौंपना सुनिश्चित करना चाहिए। शारदा पीठ कारिडोर का निर्माण होना चाहिए जिससे यात्री बिना वीजा व परमिट के यात्रा संपन्न कर सकें।

इसके अलावा तिब्बत कैलाश मानसरोवर की यात्रा विश्व की सबसे दुर्गम यात्राओं में से एक है। परन्तु इसका सबसे छोटा, अच्छा और सुविधाजनक मार्ग में से एक मार्ग लद्दाख की ओर से जाता है। ऐसे में केंद्र सरकार से मांग की गई है कि वे चीन सरकार से बातचीत कर इस मार्ग को खुलवाए। श्री अमरनाथ यात्रा को ओर सुगम बनाने के लिए केबल कार की अनुशंसा की बार की जा चुकी है। ऐसे में अगली यात्रा तक केबर कार को शुरू करने की व्यवस्था की जाए।