केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रहा केंद्र, घाटी की स्थिति सामान्य नहीं: यशवंत सिन्हा

पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल के साथ चार दिवसीय दौरे के अंतिम दिन सोमवार को उन्होंने कश्मीर घाटी की स्थिति को असामान्य करार दिया। कहा कि उनका दौरा बेहद सफल रहा। प्रशासन ने हकीकत को छिपाने के लिए उन्हें कहीं जाने की अनुमति नहीं दी। दिल्ली लौटने से पहले आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) है जो महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से चल रहे राजनीतिक संघर्ष में आखिरकार विजेता बनकर उभरा है। कहा, मैं विश्वास के साथ बात बताना चाहूंगा कि एक बार फिर से प्रवर्तन निदेशालय को जीत मिली है क्योंकि इस सबके पीछे केंद्र सरकार की एजेंसियां हैं जो नेताओं के खिलाफ  मामले दायर कर उन पर दबाव बना रही हैं। उन्होंने दावा किया कि देश के इतिहास में इस तरह से ईडी के दुरुपयोग का कोई और उदाहरण नहीं है। 

प्रशासन ने साजिश के तहत लगाई रोक
कंसर्न्ड सिटीजन ग्रुप (सीसीजी) नामक पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के कश्मीर दौरे को लेकर सिन्हा ने कहा कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद घाटी में स्थिति सामान्य नहीं है। प्रशासन ने एक सोची समझी चाल के तहत घाटी के विभिन्न हिस्सों में उनकी गतिविधियों पर रोक लगा दी ताकि जमीनी हकीकत को छिपाया जा सके। कहा, अगर केंद्र कश्मीर को लेकर अपने रवैये में बदलाव नहीं करता है तो स्थिति और बिगड़ जाएगी। पूर्व मंत्री ने कहा कि लोगों के विभिन्न समूहों से बात करने के बाद मैं अपनी यात्रा के अंत में इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि स्थिति सामान्य बिल्कुल नहीं है। घाटी में भय का माहौल है।