कश्मीर में फिर से गिरा पारा, बर्फबारी की संभावना

ठंड से थोड़ी सी राहत मिलने के एक दिन बाद ही घाटी में न्यूनतम तापमान फिर से गिर गया है और मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बुधवार से भारी बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया है। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हालांकि केंद्र शासित क्षेत्र लद्दाख में रात के तापमान में मंगलवार को कुछ सुधार हुआ। उन्होंने बताया, ‘‘ कश्मीर के मैदानी इलाकों में मध्यम और जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख के पहाड़ी क्षेत्रों में एक जनवरी दोपहर से और चार जनवरी तक मध्यम से भारी बर्फबारी की संभावना है।’’ अधिकारी ने बताया कि इसके बाद छह से आठ जनवरी तक भारी बर्फबारी हो सकती है। श्रीनगर में मंगलवार रात न्यूनतम तापमान शून्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो कि सोमवार रात को शून्य से 3.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। अधिकारी ने बताया कि पहलगाम रिसॉर्ट में तापमान शून्य से 6.9 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। वहीं, स्की रिसॉर्ट के लिए मशहूर गुलमर्ग में तापमान शून्य से 11 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। लद्दाख क्षेत्र के लेह में मंगलवार रात को तापमान शून्य से 13.7 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया। इससे पहले सोमवार की रात को पारा शून्य से 15.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया था। अधिकारी ने कहा है कि श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग के बनिहाल-रामबन क्षेत्र में बारिश होने से भूस्खलन की घटनाएं हो सकती हैं। कश्मीर में भीषण ठंड की 40 दिन की अवधि 21 दिसंबर से शुरू हो चुकी है, जिसे चिल्लई कलां कहा जाता है। यह 31 जनवरी तक चलेगी। कश्मीर में इसके बाद भी शीत लहर जारी रहती है। ‘चिल्लई कलां’ समाप्त होने के बाद अगले 20 दिन अपेक्षाकृत कम ठंड पड़ती है जिसे ‘चिल्लई खुर्द’ कहा जाता है। इसके बाद अगले 10 दिन में ठंड और कम हो जाती है जिसे ‘चिल्लई बच्चा’ कहा जाता है।