जम्मू-कश्मीरः बिजली विभाग के डेटाबेस सेंटर पर साइबर हमला, चार सर्वर में हैं महत्वपूर्ण जानकारियां

कश्मीर में पीडीडी के डेटाबेस सेंटर पर पहला साइबर हमला हुआ है। इससे पीडीडी के उपभोक्ताओं, कॉल सेंटर, बिजली प्रोजेक्टों से संबंधित तमाम जानकारी हैक की गई है। सूत्रों ने बताया कि घाटी में पावर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट (पीडीडी) के डेटाबेस सर्वर पर साइबर हमले से कई महत्वपूर्ण काम रुक गए हैं। लद्दाख में तनाव के बीच चीन की ओर से डाटा हैक किए जाने की आशंका को भी केंद्र बिंदु में रखकर जांच की जा रही है।
पीडीडी आईटी विभाग के अधिकारी के अनुसार बुधवार को सुबह 4 बजे के आसपास साइबर हमला हुआ और जल्द ही साइबर पुलिस मौके पर पहुंच गई। साइबर पुलिस एफआईआर दर्ज कर तथ्यों को खंगाल रही है। सूत्र ने बताया कि डेटाबेस सर्वर पर साइबर हमले की वजह से अब किसी भी ग्राहक के विवरण, प्रिंट बिल और डेटा को सत्यापित नहीं किया जा रहा है। बिलिंग काफी हद तक प्रभावित हुई है। कार्यकारी इंजीनियर नील कमल सिंह ने साइबर हमले की पुष्टि की है।
जानकारी हैक करने के लिए हुआ हमलासूत्रों के अनुसार ये हमला जानकारी को हैक करने के लिए किया गया। इसके जरिए तमाम जानकारी लॉक हो जानी थी। अनलॉक करने के लिए फिर से कार्रवाई शुरू होनी थी। इसमें डाटा डिलीट हो सकता था।

जम्मू में लगे हैं 46 बैकअप सर्वर
जम्मू में पीडीडी विभाग के 46 सर्वर बैकअप के लिए लगाए गए हैं। कश्मीर घाटी में तमाम जानकारी को यहां पर भी सेव किया जाता है। जैसे ही साइबर हमला हुआ तो इनको बंद कर दिया गया।

चार सर्वर में महत्वपूर्ण जानकारियां
बताया जा रहा है कि चार सर्वर में महत्वपूर्ण जानकारियां हैं। इसमें उपभोक्ताओं के बिल खातों समेत अन्य रिकॉर्ड है। अगर ये रिकार्ड लॉक हो गया है तो फिर आगामी माह दिक्कत आ सकती है।

महाराष्ट्र में पांच दिन के भीतर 40 हजार चीनी साइबर हमले
महाराष्ट्र में पिछले पांच दिन के भीतर चीनी हैकरों ने 40 हजार मर्तबा साइबर हमले किए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए जम्मू-कश्मीर में डाटा हैकिंग में भी चीन के हाथ से इनकार नहीं किया जा सकता। पीडीडी के कार्यकारी अभियंता ने कहा कि यहां पचास में से चार सर्वर साइबर हमले की जद में आए हैं। अब तक हमले का विस्तार नहीं जानते हैं। कश्मीर घाटी में यह पहला साइबर हमला है। हर बिंदु से जांच की जा रही है।