कश्मीरी साइबर पुलिस की जांच के घेरे में 1,000 सोशल मीडिया हैंडल, 10 यूजर्स से पूछताछ

जम्मू-कश्मीर की पुलिस अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद 1,000 से अधिक हैंडल्स की जांच पड़ताल कर रही है। उसने कथित तौर पर सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने के संबंध में लगभग 10 संदिग्ध यूजर्स से पूछताछ भी की है।

इस हफ्ते की शुरुआत में कुछ लोगों के खिलाफ सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने, गलत जानकारी और अफवाह फैलाने के लिए UAPA (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम) के तहत सामूहिक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस एफआईआर को देखते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ यह कार्रवाई कर रही है।
VPN का भी गलत इस्तेमाल!
श्रीनगर में आतंकवाद विरोधी दस्ते और साइबर पुलिस के हेड ताहिर अशरफ ने ईटी को बताया, ‘हम फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर अराजकता और भ्रम पैदा करने वाले, फेक न्यूज फैलाने, आतंकी, आतंकवाद और अलगाववाद का बखान करने वाले 1,000 से अधिक हैंडल्स की पड़ताल कर रहे हैं।’ वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) का गलत इस्तेमाल करना भी गैरकानूनी गतिविधि के दायरे में आता है, क्योंकि सरकार ने कश्मीर में सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगाया है।

अशरफ ने कहा, ‘हम घाटी में संचार बहाल करने के दौर में हैं और सरकार धीरे-धीरे पाबंदियों पर ढील दे रही है। एफआईआर और सोशल मीडिया पर अस्थायी रोक जैसे कदमों से शांति और कानून का पालन करने वाला समाज बनाने में मदद मिलती है। लोगों को यह समझना होगा कि क्या गैरकानूनी है और क्या कानूनी। हमने अब तक लगभग 10 लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया है।’

4जी स्पीड इंटरनेट पर अभी भी पाबंदी
कश्मीर में 2जी इंटरनेट सेवा बहाल होने के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 14 फरवरी को आदेश जारी कर घाटी में सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया था। तब से कई आदेशों में उसने सिर्फ 1,485 वेबसाइटों को मंजूरी दी है जिन्हें घाटी में इस्तेमाल किया जा सकता है। पिछले साल 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा निरस्त कर उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में तब्दील कर दिया था।

इसके बाद से जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने घाटी में ब्रॉडबैंड इंटरनेट और फिक्स्ड लाइन नेटवर्क सहित सभी तरह की कम्युनिकेशन सेवाओं को बंद कर दिया गया था। अक्टूबर के बाद से कश्मीर में संचार को चरणबद्ध तरीके से बहाल किया गया है। कश्मीर में 4जी स्पीड इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवाओं पर अभी भी पाबंदी है।

गिलानी की मौत की अफवाह पर भी ऐक्शन
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दिसंबर 2019 के बाद से कई मौकों पर सोशल मीडिया पर बीमार हुर्रियत नेता सैयद अली गिलानी (91) की मौत की अफवाह फैलने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस पिछले तीन हफ्तों में सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हुए दो विडियो के ओरिजिनल अपलोडिंग सोर्स का पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिनमें गिलानी खुद को दफनाने की अंतिम इच्छा रख रहे हैं और राजनीतिक और धार्मिक विचारधारा बता रहे हैं। अशरफ ने कहा, ‘हमने इन विडियो के संबंध में गिलानी के निवास से दो लोगों के पूछताछ की है।’