फारूक ने कहा, बाहर फंसे जम्मू-कश्मीर के लोगों को निकालने में हस्तक्षेप करें प्रधानमंत्री

नेशनल कांफ्रेंस ने कहा कि लॉकडाउन के बढ़ाए जाने से जम्मू कश्मीर के हजारों लोग हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, बंगाल और राजस्थान सहित दूसरे राज्यों में फंस गए हैं। इनमें अधिकतर मजदूर, व्यवसायी और छात्र वर्ग के लोग शामिल हैं। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द हस्तक्षेप करें, ताकि इन लोगों की सुरक्षित जम्मू कश्मीर में वापसी हो सके। बुधवार को नेशनल कांफ्रेंस सांसदों डॉ. फारूक अब्दुल्ला, मोहम्मद अकबर लोन और हसनैन मसूदी ने संयुक्त रूप से इस संबंध में बयान जारी किया। 

नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के सांसदों ने फंसे हुए लोगों की दुर्दशा पर बोलते हुए कहा कि इन लोगों में अधिकतर मजदूर और छात्र शामिल हैं, जो आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। कड़ी मजदूरी करके इन्होंने धन कमाया है, उसे वे वहां किराये और खाने पर खर्च करें या फिर वापस जम्मू कश्मीर की यात्रा के लिए रखें। 

उन्होंने कहा कि एक माह से भी लंबे वक्त तक लगने वाले इस लॉकडाउन के कारण जम्मू कश्मीर के छात्रों, मजदूरों और व्यवसायियों को परेशान होना पड़ रहा है। अमृतसर, दिल्ली, अलीगढ़, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई सहित अन्य क्षेत्रों में दुर्दशा का शिकार हो रहे छात्रों और मजदूरों की रमजान का महीन शुरू होने से पूर्व सुरक्षित वापसी के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं। 

बढ़ते हुए तापमान से जम्मू कश्मीर के लोगों के लिए होने वाली परेशानी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जब तक उनकी वापसी के लिए कदम नहीं उठाए जाते हैं तो फंसे हुए लोगों के लिए राशन और कैश का रिलीफ पैकेज संबंधित क्षेत्रों में तैनात अधिकारियों के माध्यम से जारी किया जाए।

वहीं नेकां सांसदों ने मामले में तत्काल प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर के दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को वापसी के लिए तत्काल कदम उठाएं। वहीं उन्होंने बांग्लादेश, कीर्गिस्तान और ईरान सहित दूसरे देशों में फंसे नागरिकों को भी बिना देरी के वापस लाने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि सभी के परिजन घरो में उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हो रहे हैं।