कोरोना वायरस: शोपियां की ये महिला डॉक्टर कर रही हैं लोगों को जागरुक, सैनिटाइजर भी बांट रहीं

जहां एक तरफ सरकार और कई संगठन कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सबसे आगे हैं वहीं कुछ लोग अकेले ही इस लड़ाई में अपना योगदान दे रहे हैं. ये लोग ऐसी जगहों में लोगों के बीच जाकर इस गंभीर संक्रमण के बारे में जानकारी दे रहे हैं जिन तक पहुंचना बहुत मुश्किल है. साथ-साथ लोगों के बीच जरूरी मदद भी पहुंचा रहे हैं.

दक्षिण कश्मीर के शोपियां में एक अकेली महिला डॉक्टर खुद से ही दूर दराज के गांव में जाकर अज्ञात लोगों में कोरोना के खतरे और इस से निपटने के बारे में जानकारी बांट रही है. 23 साल की इशा मंजूर श्रीनगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज से अपनी MBBS की पढ़ाई पूरी कर चुकी हैं और अभी आगे की पढ़ाई की तयारी में हैं.

कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए इशा ने लोगों की मदद करने का मन बनाया. खास तौर पर दूर दराज के ऐसे गांव जहां सड़क तक नहीं है और इसके बाद उन्होंने अपने ही जिले शोपियां के पहाड़ी इलाकों में जाकर लोगों को कोरोना के बारे में जानकारी देना शुरू किया. इस काम में इशा की सब से पहले मदद उसके दो भाइयों ने की. अब स्थानीय लोग भी उनकी मदद कर रहे हैं.

इशा और उसके वालंटियर ने अभी तक 50 से ज्यादा पहाड़ी गांवों में जाकर गरीब लोगों के बीच जाकर सभाएं कर लोगों को इस संक्रमण के बारे में जानकारी और बचाव के तरीके सीखा चुके हैं. इसके साथ साथ इशा ने अपने वालंटियर्स की मदद से सैंकड़ों मास्क और सैनिटाइजर भी बांटे हैं.