25 देशों के राजनयिकों ने देखी कश्मीर की जमीनी हकीकत, आज जम्मू में उपराज्यपाल से करेंगे मुलाकात

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद 25 विदेशी राजनयिकों का दूसरा आधिकारिक जत्था कश्मीर के बाद आज जम्मू का दौरा करेंगे। ये राजनयिक आज जम्मू में उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू, जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा ये जम्मू के स्थानीय नागरिकों से मुलाकात भी करेंगे। इस प्रतिनिधिमंडल को उत्तरी कश्मीर के बारामुला जाना था लेकिन खराब मौसम के चलते वह वहाँ नहीं जा पाए।
जम्मू कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर पहले दिन श्रीनगर पहुंचे राजनयिकों की देखने को अलग-अलग प्रतिक्रियाएं मिलीं। कुछ ने कहा कि वह पर्यटक के तौर पर कश्मीर आए हैं। हालांकि कुछ ने यहां महसूस की गई जमीनी स्थिति को बयान किया।

बुधवार को 25 विदेशी राजनयिकों का एक प्रतिनिधिमंडल श्रीनगर पहुंचा। इस दौरान कुछ प्रतिनिधियों ने दौरों को लेकर अलग-अलग विचार रखे। अधिकतर राजनयिकों ने मीडिया से दूरी बनाए रखना ही उचित समझा। प्रतिनिधिमंडल में शामिल डोमनीक रिपब्लिक, लैटिन अमेरिका के राजनयिक फ्रैंक हैंज डनेनबर्ग केस्टेलेनोस ने कहा कि वह यहाँ पर्यटक के तौर पर आए हैं। कश्मीर एक खूबसूरत जगह है इसलिए हम यहां आए।

वहीं अफगानिस्तान के राजनयिक ताहिर काद्री ने कहा कि उन्होने एयरपोर्ट से आते समय बस्ते लेकर स्कूल जाते बच्चे दिखाई दिए, इसे देखकर सब कुछ ठीक लगा, और यह हालात सामान्य होने के संकेत हैं। इसके अलावा उन्होने कश्मीर के लोगों की मेहमान नवाज़ी की तारीफ करते हुए कहाए श्हम अफगान मेहमान नवाज़ होने का दावा करते हैं लेकिन कश्मीरी भी मेहमान नवाज़ हैं।

उन्होंने कहा कि एक प्रतिनिधिमंडल के सदस्य ने उन्हें जानकारी देते हुए बताया कि भारत के 80 प्रतिशत सेब की पैदावार जम्मू कश्मीर से आती है। और इस कारण यहां निवेश की संभावना है। इसलिए वह अपने देशों को व्यापार के प्रोत्साहित करें। डल झील की खूबसूरती की तारीफ करते हुए उन्होंने तैरने वाली दुकान से एक कश्मीरी अंगूठी भी खरीदी।
कहां-कहां के प्रतिनिधि शामिल
25 सदस्यीय इस प्रतिनिधि मंडल में यूरोपीय यूनियन के 12 (जर्मनी, आस्ट्रिया, नीदरलैंड, इटली, हंगरी, चेक रिपब्लिक, बुल्गारिया), पड़ोसी देश अफगानिस्तान, उत्तरी अमेरिका के देश मैक्सिको, कनाडा, डोमनिकन रिपब्लिक , न्यूजीलैंड,किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान,तजाकिस्तान,यूगांडा और रवांडा के प्रतिनिधि शामिल हैं।