J&K: ED ने अहसान मिर्जा और मीर मंजूर की 2.6 करोड़ की संपत्ति को किया जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जम्मू कश्मीर क्रिकेट एशोसिएशन में हुए 43.69 करोड़ के घोटाले में एहसान अहमद मिर्जा और मीर मंजूर गज्नफर की 2.6 करोड़ की संपति अटैच की है. अटैच की गई संपत्ति में 1.29 करोड़ के फिक्स डिपोजिट है. ये दिल्ली के लाजपत नगर के जे&के बैंक में M/s Mirza Sons के नाम से जमा थे. जबकि श्रीनगर में 1.31 करोड़ कीमत की 11 कनाल की जमीन (जिस पर शॉपिंग कॉम्पलेक्स बना हुआ है), उसे भी ईडी ने मनी लॉड्रिंग कानून के तहत अटैच किया है.

ये मामला जम्मू कश्मीर क्रिकेट एशोसिएशन के 43.69 करोड़ के घोटाले से जुड़ा हुआ है. साल 2005-06 से 2011-12 तक जम्मू कश्मीर क्रिकेट एशोसियेशन को बीसीसीआई से 94.06 करोड़ का फंड अलॉट हुआ था. आरोप है कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एशोसियेशन के तत्कालीन अध्यक्ष फारूख अब्दूल्ला ने अहसान अहमद मिर्जा और मीर मंजूर गज्फनर के साथ मिल कर अपने बैंक खातों में इन पैसों को जमा कराया या कैश निकाल लिया.

जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने जम्मू कश्मीर क्रिकेट एशोसियेशन में हुये घोटालों को लेकर जांच सीबीआई को सौंप दी थी. इसमें फारूख अब्दुल्ला समेत खजांची एहसान एहमद मिर्जा और मीर मंजूर गज्फनर समेत दूसरे आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था. उसी के आधार पर ईडी ने मनी लॉड्रिंग का मामला दर्ज किया था.

ईडी ने जांच में पाया कि 2004 में जम्मू कश्मीर क्रिकेट एशोसियेशन के खजांची मुख्तार कांत ने इस्तिफा दे दिया था, जिसके बाद फारुख अब्दूल्ला ने एहसान अहमद मिर्जा को बिना इलेक्शन कराए ये पदभार सौंप दिया था. वहीं 2006 में जब जम्मू कश्मीर क्रिकेट एशोसियेशन के इलेक्शन हुए तो मीर मंजूर गजफ्नर खजांची बने. लेकिन कोर्ट के स्टे के कारण एहसान अहमद मिर्जा ही चार्ज संभालते रहे. जब कोर्ट का स्टे हट गया तो मीर मंजूर गज्फनर को खजांची का चार्ज देने के बजाये फारुख अबदूल्ला ने एक फायनेंस कमेटी बनाकर दोनो को जम्मू कश्मीर क्रिकेट एशोसियेशन के खाते चलाने की मंजूरी दे दी.

आरोप है कि इसके बाद दोनो ने जम्मू कश्मीर बैंक में ज्वाइंट खाता खुलवाया और जम्मू कश्मीर क्रिकेट एशोसियेशन के डेवलेपमेंट के लिये आए पैसों को अपने खाते में ट्रांसफर कर लिया. 2009 में हुए जम्मू कश्मीर क्रिकेट एशोसियेशन के चुनावों में एहसान अहमद मिर्जा खजांची बने. 2011 में हुए चुनावों में जनरल सेक्रेटरी और फारुख अब्दूल्ला अध्यक्ष बने.

आरोप है कि 2004 से 2012 तक लगातार जम्मू कश्मीर क्रिकेट एशोसियेशन के खातों से पैसे निजी खातों में जाते रहे. ईडी ने इस मामले में एहसान अहमद मिर्जा को गिरफ्तार की थी और इसकी चार्जशीट श्रीनगर की अदालत में दायर की थी.