आतंकवाद कश्मीर की सबसे बड़ी समस्या, 370 आंतरिक मसला: कश्मीर दौरे पर EU सांसदों का बयान

अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर के दौरे पर आए यूरोपीय सांसदों के दल ने पाकिस्तान द्वारा फैलाए गए झूठ को नकारते हुए यहां की सच्चाई दुनिया को बताया। यहां का हाल देख और स्थानीय लोगों से मुलाकात करने के बाद विदेशी सांसदों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंखों देखा हाल बयां किया। विदेशी सांसदों ने घाटी में आतंकियों को भेजने और उन्हें समर्थन करने को लेकर पाकिस्तान को जमकर कोसा।
यूरोपीय सांसदों के दल में शामिल फ्रांस के सांसद हेनरी ने कश्मीर दौरे के अनुभव साझा किए और कहा कि कश्मीर का युवा शांति और विकास चाहता है। उन्होंने कहा, “हमें इस बात की खुशी है कि हम कश्मीर के स्थानीय लोगों से मिले। हमने कश्मीर के युवा एक्टिविस्ट से बात की जिन्होंने मुझे बताया कि वो शांति चाहते हैं। मैं यहां से उम्मीद लेकर जा रहा हूं कि कश्मीर के लोग शांति चाहते हैं और हालात पहले से बेहतर होंगे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूरोपीय सांसदों ने कहा कि हमारे दौरे को राजनीतिक नज़र से देखा गया, जो बिल्कुल ठीक नहीं है। हम सिर्फ यहां पर हालात की जानकारी लेने आए थे। अनुच्छेद 370 को इन सांसदों ने भारत का आंतरिक मसला बताया और कहा कि भारत-पाकिस्तान को आपस में बात करनी चाहिए।

वहीं असदुद्दीन ओवैसी द्वारा यूरोपीय सांसदों को नाजी प्रेमी कहे जाने का जवाब आज यूरोपीय यूनियन के सांसद थियरे मारियानी ने दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें नाजी कहना गलत है। थियरे मारियानी ने कहा, “मैंने कुछ अखबारों में देखा कि हमें नाज़ी कहा गया। मुझे नहीं पता ऐसा क्यों कहा गया। ऐसे आरोप से दौरे की शुरुआत करना अजीब था। आप मेरा अतीत देखेंगे तो पता चलेगा कि अगर मैं नाज़ी होता तो 14 बार संसद के लिए चुना नहीं जाता। मेरी सलाह है कि आरोप लगाने से पहले आप मेरी बायोग्राफी देख लें।“

ओवैसी ने यूरोपीय सांसदों को फासिस्ट और इस्लामोफोबिया से भी पीड़ित बताया था जिसपर सांसदों ने कहा, “मैं इस बात से हैरान हूं कि हमारे दौरे को गलत तरीके से पेश किया गया। कुछ लोगों ने हमारे दौरे को इस तरह से पेश किया कि हम इस्लामोफोबिया से पीड़ित हैं लेकिन ये सच नहीं है। हमें फासिस्ट भी कहा गया लेकिन हमें फासिस्ट नहीं कहा जा सकता है।“

सांसदों ने आतंकवाद के मसले पर कहा कि हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में साथ हैं, आतंकवाद का मसला यूरोप के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है। जब उनसे सवाल पूछा गया कि क्या वह इस दौरे की रिपोर्ट यूरोपीय संसद में जमा करेंगे, तो उन्होंने कहा कि वह ऐसा नहीं करेंगे।