करंट लगने से मृत्यु होने पर कर्मचारियों के परिवारों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि बढ़ायी गई

बिजली का करंट लगने से जान गंवाने वाले विद्युत विकास विभाग के कर्मचारियों और दैनिक वेतनभोगियों के परिवारों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की घोषणा की गई है। अभी तक ऐसे मामलों में तीन लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाती थी। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि राज्यपाल सत्यपाल मलिक की अध्यक्षता में राज्य प्रशासनिक परिषद (एसएसी) ने बृहस्पतिवार को विद्युत विकास विभाग के नियमित कर्मचारियों, दैनिक वेतनभोगी और नागरिकों के बिजली के तारों के सम्पर्क में आकर जान गंवाने पर दी जाने वाली अनुग्रह राशि में बढ़ोतरी की। उन्होंने बताया कि जान गंवाने पर दी जाने वाली अनुग्रह राशि तीन लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है, पूरी तरह से अपंगता होने पर दी जाने वाली अनुग्रह राशि एक लाख रुपये से बढ़ाकर 7.5 लाख रुपये कर दी गई है। वहीं आंशिक अपंगता होने पर दी जाने वाली अनु्ग्रह राशि 30 हजार रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दी गई है। प्रवक्ता ने कहा कि ड्यूटी के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर अनुग्रह राशि का भुगतान मृतक के विधिक उत्तराधिकारी को किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे हादसों में जान गंवाने वाले या घायल होने वाले नागरिकों को भी अनुग्रह राशि का भुगतान किया जाएगा। घरेलू जानवरों जैसे गाय, बैल या घोड़े के बिजली के तार के सम्पर्क में आने से मारे जाने पर अनुग्रह राशि पांच हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी गई है। वहीं भेड़ या बकरी के मामले में यह 1000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये कर दी गई है।