फारूक अब्दुल्ला के बिगड़े बोल, चुनाव तय करेगा कश्मीर भारत का हिस्सा रहेगा या नहीं

नेकां प्रमुख डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर हमला बोलते हुए कहा कि दोनों जनता के सबसे बड़े दुश्मन हैं। वे चाहते हैं कि देश का बंटवारा हो जाए। यह चुनाव यह साबित करेगा कि देश धर्मनिरपेक्ष रहेगा या नहीं। इस बार हमें वोट अपनी पहचान बचाने तथा राज्य की एकता के लिए देना होगा। वे मीर बाहरी डल में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि मोदी और शाह देश को जाति, धर्म के नाम पर बांटना चाहते हैं। लेकिन देश की जनता ने तय कर लिया है कि वह भाजपा के विभाजनकारी एजेंडे पर साथ नहीं देगी। भाजपा लोगों का ध्यान बांटने के लिए भावनात्मक मुद्दों को उठा रही है। ये लोग देश के संविधान में बदलाव करना चाहते है जो सभी लोगों को समान अधिकार व अवसर प्रदान करती है।

संविधान ने राज्य को अनुच्छेद 35ए व 370 के जरिये विशेष दर्जा प्रदान किया है। ये लोग इसके साथ हमेशा से खिलवाड़ करने की कोशिश करते रहे हैं। भाजपा का घोषणा पत्र यह दर्शाता है कि वह राज्य की पहचान के साथ किस प्रकार नफरत करती है। इसमें राज्य के डेमोग्राफी को बदलने का एजेंडा नजर आता है। फिर दोहराया कि वे लोग आग से खेल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य के विशेष दर्जे को कमजोर करने के लिए पीडीपी तथा पीपुल्स कांफ्रेंस का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने इसके लिए कुछ लोगों को नियुक्त किया है जो पीडीपी तथा पीपुल्स कांफ्रेंस का चुनाव चिह्न अपने हाथों में लिए देखे जा सकते हैं। कुल मिलाकर भाजपा का एजेंडा यह है कि यहां की जमीन व संपत्ति को नान स्टेट सब्जेक्ट भी खरीद सके। चेताया कि नेकां राज्य के विशेष दर्जे से छेड़छाड़ की इजाजत किसी को नहीं देगी।