जम्मू-कश्मीर में कभी पत्थर फेंकने के लिए हुई थीं बदनाम, आज बन गई फुटबॉलर

अंग्रेजी में एक कहावत है ‘फर्स्ट इंप्रेशन इज द लास्ट इंप्रेशन’ यानी हमेशा आपकी पहली छवि ही लोगों के दिमाग में रहती है. जम्मू-कश्मीर की फुटबॉल खिलाड़ी अफशाना आशिक़ की कहानी कुछ ऐसी ही है. अपनी खराब इमेज को बदलना अफशाना के लिए मुश्किल चुनौती साबित हो रही है.

साल 2017 के दिसंबर में अफशाना की एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी. इस फोटो में अफशाना के चहरे कपड़े से ढके थे और वो पुलिस पर पत्थर फेंक रही थी. इस तस्वीर से वो बदनाम हो गई. लोग उन्हें पत्थरबाज़ कहने लगे.

न्यूज़ 18 से बात करते हुए उन्होंने कहा, ”मुझे लोग पत्थरबाज़ी करने वाली फुटबॉलर कहने लगे. लेकिन आपको बता दूं कि मैंने सिर्फ एक दिन पत्थर फेंका था. वैसे मैं फुटबॉलर हूं.”

अफशाना ने बताया कि साल 2017 में उन्होंने आर्मी पर पत्थर नहीं फेंके थे, बल्कि स्थानी पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था. लेकिन मीडिया ने उनकी इमेज एक पत्थरबाज़ की बना दी. अफशाना को ये लगा कि उनके चेहरे ढके थे. ऐसे में लोग उन्हें पहचान नहीं पाएंगे. लेकिन ऐसा हुआ नहीं.

उन्होंने बताया, ”मैं ट्रेनिंग के लिए गई थी. मुझे लगा कि लोग पहचान नहीं पाएंगे. इस बीच हमारे स्पोर्ट्स के सेक्रेटरी आ गए. उन्होंने मुझसे कहा आप तो सोशल मीडिया पर काफी फेमस हैं. मैंने उन्हें कहा क्या किया है मैंने. सेक्रेटरी ने कहा बस पांच मिनट मुझे दो फिर मैं आपको बताता हूं.” उन्होंने अफशाना को उसकी वो फोटो दिखा दी जो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी.

हालांकि, बाद में स्पोर्ट्स सेक्रेटरी ने उनकी मदद की. लेकिन अफशाना को अगले दो महीने के लिए घर से निकलने नहीं दिया गया. बाद में उनके पापा मान गए और फिर वो प्रैक्टिस के लिए घर से बाहर जा सकी.