कश्मीर में विदेशी आतंकियों का सफाया, अब सिर्फ 200 स्थानीय दहशतगर्द ही बचे

कश्मीर में अब आतंकवाद स्थानीय आतंकियों पर टिक गया है। विदेशी आतंकियों का एक तरह से कश्मीर से सफाया हो चुका है। पुलवामा, बांदीपोरा, कुपवाड़ा, शोपियां और अनंतनाग जिलों में इक्का दुक्का विदेशी आतंकी हो सकते हैं।लेकिन सूत्रों का कहना है कि अब कश्मीर में 200 के आसपास ही आतंकी बचे हैं, जो स्थानीय हैं। यह भी आपस में रिश्तेदार हैं। यहीं सबसे बड़ा कारण है, इनको ढेर करने में सुरक्षा एजेंसियों को नए सिरे से रणनीति बनानी पड़ रही है।

जानकारी के अनुसार कश्मीर में सक्रिय स्थानीय आतंकियों में औसत हर चार आतंकी आपस में रिश्तेदार हैं। इसलिए इनकी मूवमेंट भी आसान हो रही है। कहीं ने कहीं इनको पनाह मिल जाती है। वह रिश्तेदारी का लाभ उठाकर अपनी गतिविधियां चला रहे हैं। कश्मीर में इन आतंकियों का कमान देने वाले भी नहीं है। 

तमाम आतंकी कमांडर मारे जा चुके हैं। विदेशी आतंकी भी नहीं है। कश्मीर में सक्रिय आतंकियों की गिनती अब 30 फीसदी तक रह गई है। भारतीय सेना इन आतंकियों को आतंकवाद का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लाने का प्रयास कर रही है।