सरकार जम्मू-कश्मीर की वास्तविक स्थिति छिपा रही: पीडिपी

केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर की वास्तविक स्थिति को देश से छिपाने के इस नाटक में पीडीपी हिस्सा नहीं लेगी। मंगलवार को डोभाल द्वारा आयोजित मध्याह्न भोजन में शामिल होने वाले सभी सदस्यों से किनारा करते हुए पीडीपी ने यह बयान दिया। सोमवार को डोभाल 27 यूरोपीय सांसदों से मध्याह्न भोजन पर मिले थे। ये सांसद मंगलवार को कश्मीर का दौरा करेंगे। इस आयोजन में पीपुल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री मुजफ्फर हुसैन बेग और कई अन्य शामिल थे। इसके अलावा पीडीपी के पूर्व नेता अल्ताफ बुखारी, जम्मू कश्मीर ब्लॉक विकास परिषद के कुछ सदस्य और रियल कश्मीर फुटबॉल क्लब के सह-मालिक संदीप चट्टी ने भी इस आयोजन में भाग लिया। अनुच्छेद 370 हटने के बाद यह विदेशी शिष्टमंडल का पहला कश्मीर दौरा है। इस दौरे को कश्मीर पर पाकिस्तान के रवैये के खिलाफ सरकार का एक बड़ा कूटनीतिक कदम माना जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि ज्यादातर सांसद अपने देशों के दक्षिणपंथी दलों के हैं। पार्टी प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक फिरदौस टाक ने बताया कि पार्टी ने आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल के मध्याह्ल भोजन में शामिल हर सदस्य से दूरी बना ली है। टाक ने कहा कि यूरोपीय शिष्टमंडल से मिलना किसी भी नेता का व्यक्तिगत कदम है। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती सहित राज्य के कई नेता और कार्यकर्ता 5 अगस्त को राज्य का विशेष दर्जा हटने के बाद से ही हिरासत में हैं। पीडीपी नेता ने कहा, ‘‘पीडीपी के पास यह मानने का हर कारण है कि भाजपा सरकार किसी अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण ही जम्मू कश्मीर में स्थिति सामान्य दिखा रही है। लेकिन पीडीपी किसी बयानबाजी का हिस्सा नहीं बनेगी।’’ उन्होंने कहा कि पीडीपी भारत सरकार के अनुच्छेद 370 हटाने के कदम की आलोचना करती है।