राम माधव बोले, कश्मीरियों को उनके दरवाजे पर पहुंचे विकास को देखना चाहिए

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महासचिव राम माधव ने कहा है कि जम्मू एवं कश्मीर के लोगों के लिए विकास के दरवाजे खुल गए हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोगों को उनके दरवाजे पर पहुंचे विकास को देखना चाहिए। माधव ने यह बात यहां आयोजित तीसरे डब्ल्यूआईओएन विश्व सम्मेलन में कही।

‘द न्यूज इंटरनेशनल’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस सम्मेलन में भारत, पाकिस्तान व अन्य देशों के राजनयिकों, पत्रकारों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान भारत व पाकिस्तान की ओर से शिरकत करने पहुंचे प्रतिनिधियों ने दोनों देशों के बीच आपसी संबंध मजबूत करने के लिए अपने विचार रखे।

इस दौरान भारत के पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल (रिटायर्ड) जोगिंदर जसवंत सिंह ने कहा, “कई देश परमाणु संपन्न हैं, लेकिन दुनिया युद्ध नहीं चाहती। दुनिया तबाही की जगह चीजों को स्थिर करने की दिशा में काम कर रही है।”

इस अवसर पर पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी ने कहा, “हम द्विपक्षीय रूप से चीजें कर सकते हैं, हालांकि कई बार कूटनीति मुश्किल हो सकती है।”कसूरी ने कहा कि पड़ोसी देश कुछ साल पहले कश्मीर मुद्दे पर एक प्रस्ताव के करीब थे। इस दौरान दोनों पक्षों के पैनलिस्टों ने निष्कर्ष निकाला कि कश्मीर के मुद्दे पर झूठे बयान व प्रचार दोनों देशों के लिए हानिकारक हैं। 

सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया कि ‘जैसे को तैसा’ कूटनीति के बजाए दोनों पड़ोसी देशों के लिए आपसी सहयोग, सुरक्षा और बढ़ती अर्थव्यवस्था भविष्य के संवादों के लिए महत्वपूर्ण कदम होंगे। अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार व लेखक रेहम खान ने कहा कि हम चीजों को द्विपक्षीय रूप से निपटा सकते हैं।