सत्‍यपाल मलिक बन सकते हैं जम्‍मू-कश्‍मीर के पहले उपराज्‍यपाल, 31 को होगा पुनर्गठन

केंद्र ने जम्‍मू-कश्‍मीर के पहले लेफ्टिनेंट गर्वनर (एलजी) के रूप में सत्‍यपाल मलिक का नाम का प्रस्‍ताव रखा है। 31 अक्‍टूबर को जम्‍मू-कश्‍मीर राज्‍य का केंद्र शासित प्रदेश के रूप में पुनर्गठन किया जाना है। यह जानकारी गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने दी है।
गृह मंत्रालय ने यह भी ऐलान किया है कि जम्‍मू-कश्‍मीर और लद्दाख के सरकारी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप ही सैलरी और दूसरे लाभ दिए जाएंगे।

भत्‍ते के रूप में मिलेंगे 4,800 करोड़
इस तरह मौजूदा 4.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले बच्‍चों की शिक्षा के भत्‍ते, हॉस्‍टल भत्‍ते, परिवहन भत्‍ते, एलटीसी, फिक्‍स्‍ड मेडिकल अलाउंस वगैरह का सालाना वित्‍तीय बोझ लगभग 4,800 करोड़ रुपये पड़ेगा। इसमें बच्‍चों की शिक्षा भत्‍ते के रूप में 607 करोड़ रुपये, हॉस्‍टल भत्‍ते के रूप में 1,823 करोड़ रुपये, परिवहन भत्‍ते के लिए 1,200 करोड़ रुपये और एलटीसी के लिए 1,000 करोड़ रुपये, फिक्‍स्‍ड मेडिकल अलाउंस के लिए 108 करोड़ रुपये और बाकी के भत्‍तों के लिए 62 करोड़ रुपये शामिल हैं।

आ सकते हैं पीएम मोदी भी
मंत्रालय के अधिकारी के अनुसार 31 अक्‍टूबर के लिए जम्‍मू-कश्‍मीर प्रशासन तैयारियां कर रहा है। सुरक्षा व्‍यवस्‍था को खास प्राथमिकता दी जा रही है। इस समारोह में भाग लेने के लिए पीएम मोदी आ सकते हैं, वह वैष्‍णो देवी के दर्शन के लिए भी जा सकते हैं।

एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने हमारे सहयोगी इकनॉमिक टाइम्‍स को बताया, ‘हम 31 अक्टूबर से पहले सुरक्षा बढ़ाने की योजना तैयार कर रहे हैं। कुछ एहतियाती उपाय जरूर लागू किए जाएंगे।’