जम्मू-कश्मीर के दस हजार रेशम कीट पालकों के लिए उपलब्ध होगा बाजारः उपराज्यपाल मुर्मू

राज्य सरकार की ओर से दो वर्ष के रिकॉर्ड समय में 16.80 करोड़ रुपये की लागत से सरकारी रेशम बुनाई फैक्ट्री व 6.64 करोड़ की लागत से रेशम बुरादा परियोजना शुरू की गई है। दोनों इकाइयों को अत्याधुनिक मशीनरी और उपकरणों से लैस किया गया है।
इससे 10 हजार किसानों को स्थिर बाजार उपलब्ध होगा। इससे 4,60,000 मीटर रेशम कपड़े का उत्पादन होगा। यह बात उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने जम्मू-कश्मीर उद्यमिता विकास संस्थान नवनिर्मित, अत्याधुनिक प्रशासनिक सह संकाय ब्लॉक के उद्घाटन और बाड़ी ब्राह्मणा में रेशम फैक्ट्री व रेशम बुरादा प्रोजेक्ट की शुरुआत के मौके पर कही।

उपराज्यपाल ने इस अवसर पर बेरोजगार युवाओं और रेशम कृषक समुदाय के मुद्दों को उठाते हुए कहा कि जम्मू में रेशम कारखाने के आने और श्रीनगर मे पुनर्निर्माणाधीन कारखाने के चालू हो जाने के बाद रेशम किसानों को एक अच्छा बाजार मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर में उत्पादित रेशम कोकून को पर्याप्त प्रसंस्करण सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं, जिससे रेशम उत्पादकों को नुकसान होता है।