जमात-ए-इस्लामी पर बैन के बाद महबूबा मुफ्ती ने बुलाई बड़ी बैठक, हो सकता है बड़ा ऐलान!

पीडीपी प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को एक बड़ी बैठक बुलाई। पार्टी के सदस्यों के साथ महबूबा ने श्रीनगर स्थित अपने आवास पर मीटिंग की। इस दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। उम्मीद जताई जा रही है कि पार्टी इसके बाद कई बड़े ऐलान कर सकती है।

इन मुद्दों पर हुई चर्चा

जानकारी मिल रही है कि इस बैठक में जम्मू-कश्मीर के जमात-ए-इस्लामी संगठन पर लगाए गए बैन और हुर्रियत नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर चर्चा की गई है। इसके साथ ही आगामी चुनावों में पार्टी की स्थिति और रणनीति को लेकर बातचीत भी मीटिंग का अहम मुद्दा था।

बैन के खिलाफ सड़क पर उतरीं थीं पूर्व सीएम

आपको बता दें कि इससे पहले महबूबा मुफ्ती ने जमात-ए-इस्लामी (JIE) पर प्रतिबंध और सदस्यों की गिरफ्तारी को लेकर सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया था। मुफ्ती ने बुधवार को अनंतनाग इलाके में अपनी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के जुलूस की अगुवाई की। इस दौरान पीडीपी प्रमुख ने कहा था कि अहले हदीथ से संबंधित जमात मौलवियों और इमामों की गिरफ्तारी हमारे धार्मिक मामलों में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप है। उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। पूर्व सीएम ने सरकार से सभी गिरफ्तार सदस्यों को रिहा करने की मांग की है। साथ ही महबूबा ने कहा था कि आप किसी विचारधारा या विचार को बंद करके नहीं रख सकते। गौरतलब है कि पुलवामा हमले के बाद केंद्र सरकार आतंकवाद पर नकेल कसने की कोशिश कर रही है। इसी कड़ी में सरकार ने जमात-ए-इस्लामी को ‘गैरकानूनी’ घोषित कर बैन लगा दिया था। माना जाता है कि घाटी में अलगाववादी विचारधारा और आतंकवादी मानसिकता के बढ़ाने के लिए जमात-ए-इस्लामी प्रमुख जिम्मेदार संगठन है।

भाजपा नेता ने मांगी गिरफ्तारी

वहीं, पहले जम्मू-कश्मीर में सहयोगी रही भाजपा के नेता और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता ने इस संगठन का समर्थन करने के लिए महबूबा को गिरफ्तार करने तक की बात कह दी थी। उन्होंने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि अगर मदरसे में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले गतिविधियों होती हैं, तो उनपर भी बैन लगाया जाना चाहिए।