महबूबा मुफ्ती बोलीं, ‘जम्मू-कश्मीर को राजनीतिक और आर्थिक रूप से कमजोर करने का हो रहा प्रयास’

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने केंद्र पर जम्मू-कश्मीर को राजनीतिक और आर्थिक रूप से कमजोर करने का आरोप लगाया और लोगों से ”विभाजनकारी ताकतों” के खिलाफ एक साथ खड़े होने और संसदीय चुनाव में सक्रिय भागीदारी करने का अनुरोध किया. श्रीनगर लोकसभा सीट पर आगा सैयद मोहसिन के पक्ष में प्रचार करते हुए मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के चडूरा और खान साहिब में जन सभाओं को संबोधित करते हुए महबूबा ने कहा कि राज्य के लोग एकजुट रहें और ”अपनी पहचान पर हो रहे हमलों को रोकने” के लिए सामूहिक लड़ाई लड़ें.

महबूबा ने कहा, ”नई दिल्ली (केंद्र सरकार) जम्मू-कश्मीर को राजनीतिक के साथ-साथ आर्थिक रूप से कमजोर करने का प्रयास कर रही है. हम अपने विशेष दर्जे पर नयी दिल्ली के हमले का सामना कर रहे हैं. मेरी पार्टी बिना किसी समझौते के मूल मुद्दों पर हमेशा दृढ़तापूर्वक खड़ी रही है. हमारा पहले किया गया काम ही सत्यनिष्ठा का प्रमाणपत्र है.” बता दें कि महबूबा मुफ़्ती लगातार केंद्र सरकार को लेकर हमले कर रही हैं. इससे पहले उन्होंने कहा था कि बीजेपी को चेतावनी देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में बारूद है आप चिंगारी फेंकोगे तो न जम्मू कश्मीर रहेगा और न हिंदुस्तान रहेगा.

महबूबा मुफ़्ती ने कहा था कि अगर 370 को हटाया जाता है तो फिर हिंदुस्तान का जम्मू कश्मीर पर नाजायज कब्जा होगा. उन्होंने कहा था कि जम्मू कश्मीर पहले ही बारूद के ढेर पर बैठा हुआ है जिसकी झलक हाल ही में पुलवामा में देखने को मिली. महबूबा ने कहा था कि अगर इस तरह की बयानबाजी से बीजेपी बाज नहीं आती है तो या न सिर्फ जम्मू कश्मीर को बल्कि पूरे मुल्क को जलाकर राख कर देगा.